एकदिनी विश्व कप जीतना ही शुभमन और सूर्यकुमार का लक्ष्य

2023 में हम बेहद करीब थे, 2027 में विश्व कप जीतना लक्ष्य: गिल

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारत के एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान शुभमन गिल ने रविवार को कहा कि 2027 का एकदिवसीय विश्व कप जीतना उनकी टीम का सबसे बड़ा लक्ष्य है, विशेष कर तब जब 50 ओवर के इस टूर्नामेंट के पिछले सत्र में वे ट्रॉफी जीतने के बेहद करीब पहुंच गए थे। लगातार 10 मैच जीतने के शानदार रिकॉर्ड के बावजूद भारत को 2023 एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

बीसीसीआई नमन पुरस्कार के दौरान 'स्टार स्पोर्ट्स' पर जब गिल से पूछा गया कि क्या वे अगले एकदिवसीय विश्व कप के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने कहा, ''बिल्कुल, मैं सोचता हूं। यही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है। हमें लगा था कि पिछली बार जब हम भारत में (फाइनल में) थे तो हम जीत के बेहद करीब पहुंच गए थे। अब दक्षिण अफ्रीका में हमें इसे जीतने का एक और मौका मिल रहा है जो हमारे लिए एक शानदार अवसर होगा।''

गिल ने कहा, ''देश के लिए किसी भी प्रारूप में विश्व कप जीतना ही सबसे बड़ा लक्ष्य होता है इसलिए बेशक यह बात कभी-कभी मेरे मन में आती रहती है।'' वहीं सूर्यकुमार यादव ने कहा कि अगर कोई ऐसा मैच है जिसे वे दोबारा खेलना और जीतना चाहेंगे तो वह 2023 एकदिवसीय विश्व कप का फाइनल मैच है। उन्होंने कहा, ''अहमदाबाद में हुआ 2023 विश्व कप का फाइनल मैच। मैं उसे दोबारा खेलना और जीतना चाहूंगा।''

टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार ने कहा कि भारत की 2024 टी20 विश्व कप जीत ने एक चिंगारी का काम किया, जिसकी वजह से हाल के वर्षों में अलग-अलग लिंग और उम्र की भारतीय टीम ने आईसीसी के कई खिताब जीते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमें बस एक चिंगारी या एक कदम की जरूरत थी, जिसे हमने 2024 में पार कर लिया। उसके बाद 2025 में चैम्पियंस ट्रॉफी, फिर 2025 में ही महिला टीम का एकदिवसीय विश्व कप जीतना और फिर 2026 में जीत हासिल करना। वह एक कदम उठाना बहुत जरूरी था। आईसीसी ट्रॉफी जीतने के लिए क्या करना पड़ता है, यह समझने के लिए उस जीत का अनुभव करना बहुत जरूरी था। अब पीछे मुड़कर देखने की कोई जरूरत नहीं है। जब यह शानदार सिलसिला शुरू हो ही गया है तो आइए हम अधिक से अधिक (ट्रॉफियां) जीतने की कोशिश करें।

सूर्यकुमार ने कहा कि भारत 2028 के लॉस एंजिलिस खेलों में ओलम्पिक स्वर्ण के साथ-साथ टी20 विश्व कप जीतने की हैट्रिक बनाने की कोशिश करेगा। यह बहुत अच्छी बात है कि एक बड़ी प्रतियोगिता हो रही है और क्रिकेट को उसमें प्रवेश मिला है। उस साल दो प्रतियोगिताएं हैं- उस समय टी20 विश्व कप भी है, (और) ओलंपिक भी। अगर आपने लगातार दो बार ऐसा किया हैतो टी20 में लगातार तीन बार और निश्चित रूप से ओलंपिक स्वर्ण पदक क्यों नहीं?'' सूर्यकुमार ने खिलाड़ियों का साथ देने की आदत डालने का श्रेय पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और मौजूदा कोच गौतम गंभीर, दोनों को दिया।

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