ओपन सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता गोंडा में ही क्यों?

गोंडा का नंदिनी नगर कर चुका तीन टूर्नामेंटों का सफल आयोजन

खेलपथ संवाद

गोंडा। देश में एक बार फिर कुश्ती को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। एक तरफ जहां ओलम्पियन विनेश फोगाट ने गंभीर आरोप लगाए हैं वहीं फेडरेशन ने भी इन आरोपों पर सफाई दी है लेकिन इस बीच सवाल यह उठता है कि आखिर हर बार सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता गोंडा में ही क्यों आयोजित होती है। साल 2018 से लेकर अब तक तीन बार यह प्रतियोगिता हुई है और तीनों ही बार गोंडा में आयोजित हुई है जबकि इसका हेड ऑफिस दिल्ली में है, वहां इंदिरा गांधी स्टेडियम भी है।

आयोजन स्थल को लेकर कुछ कुश्ती प्रेमियों ने सवाल उठाए हैं कि राजधानी लखनऊ में केडी सिंह बाबू स्टेडियम है, यहां भी कुश्ती के लिए सुविधाएं हैं। दरअसल, विनेश फोगाट ने कुश्ती के आयोजन स्थल को लेकर सवाल उठाया था। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेफरी कौन होगा, कौन जीतेगा, ये सब बृजभूषण और उनके लोग कंट्रोल करेंगे। आइए जानते हैं आखिर गोंडा के नंदिनी नगर में क्या खास सुविधाएं हैं।

पाठकों को बता दें कि नंदनी नगर में 8 एकड़ का मल्टी स्पोर्ट्स ग्राउंड है। 400 मीटर का एथलेटिक ट्रैक है। यहां क्रिकेट से एथलेटिक्स तक सभी खेल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। 5 मैट वाला एसी कुश्ती हॉल है। 2 मैट वाली साई अकादमी है। इंडोर फैसिलिटी की बात करें तो यहां बैडमिंटन, टेबल टेनिस, योग और फिटनेस की सुविधा, नेशनल लेवल के इंडोर इवेंट की सुविधा है। साथ ही यहां ओलम्पिक साइज स्वीमिंग पूल भी है। इंटरनेशनल शूटिंग रेंज है। यह कैम्पस कुल 55 एकड़ में फैला हुआ है।

बता दें कि इस टूर्नामेंट में करीब 800 पहलवानों में से करीब 80 फीसदी पहलवान हरियाणा के खेले हैं। हरियाणा के रोहतक, सोनीपत, हिसार और जींद में इंटरनेशनल लेवल के स्टेडियम हैं। इसलिए सवाल उठ रहा है कि यह टूर्नामेंट एक बार भी हरियाणा में क्यों नहीं हुआ है। वहीं भारतीय कुश्ती संघ ने जानकारी देते हुए बताया कि इस टूर्नामेंट को कराने की प्लानिंग एक महीने पहले हुई।

भारतीय कुश्ती संघ ने कई स्टेडियमों की जांच की वहां की व्यवस्थाएं देखीं, फिर टीम गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स कॉलेज आई। यहां पता चला कि एक हजार पहलवानों का टूर्नामेंट कराया जा सकता है। उनके रहने की व्यवस्था अच्छी है। बाकी के स्टेडियम में इतने कम समय में 800 पहलवानों और स्टाफ के लिए अच्छी व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे, इसलिए दिल्ली या लखनऊ या फिर कहीं आयोजन नहीं किया गया।

अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान विनेश फोगाट नंदिनी नगर पहुंचीं और वहां से बैरंग लौट गईं। महिला पहलवान विनेश फोगाट को भारतीय कुश्ती संघ के शो-कॉज नोटिस के चलते खेलने नहीं दिया गया। दरअसल, विनेश ने जैसे ही ओपन चैम्पियनशिप के लिए पंजीकरण किया, उसके तुरंत बाद भारतीय कुश्ती संघ ने नोटिस देकर जवाब मांगा और कहा कि 14 दिन के अंदर जवाब देने के बाद ही खेल में शामिल होने दिया जाएगा। पंजीकरण के बावजूद भी विनेश को मौका नहीं मिला और नंदिनी नगर परिसर में विनेश ने घूम घूम कर आरोप लगाया। वेरीफिकेशन प्रोसेस में शामिल ना किए जाने के बाद विनेश फोगाट ने पत्रकारों से बातचीत की और भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया।

विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण पर भी गम्भीर आरोप लगाया। विनेश ने कहा कि उनके इशारे पर मुझे खेलने नहीं दिया जा रहा। उनके कॉलेज में खेल है तो मैं असुरक्षित हूं। मैंने माफी मांगी लेकिन मुझे खेलने नहीं दिया गया। नोटिस का जवाब देने का समय नहीं दिया गया। 14 दिन का समय मिला उसके पहले ही खेल से बाहर कर दिया गया। हमको खेल के लिए मना किया गया है। नाडा और वाडा ने नहीं भारतीय कुश्ती संघ  ने मुझे बैन किया है। मैंने डोप टेस्ट दिया, उसमें भी क्लीन चिट मिली है। मैंने सारे नियमों का पालन किया है। प्रेग्नेंसी के समय हमने अपडेट नहीं किया। हमने वाडा और नाडा को सूचित किया था।

हाल ही में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि ओपन रेसलिंग टूर्नामेंट में मेरा कोई खास लगाव नहीं है। मैं कुश्ती का शौकीन हूं इसलिए चाहता हूं कि नंदिनी नगर में आयोजन हो। मैं पिछले दिनों हरियाणा गया था। वहां मेरी मुलाकात भारतीय कुश्ती संघ के जनरल सेक्रेटरी जय प्रकाश पहलवान से हुई। मैंने उनसे ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट कराने पर चर्चा की। बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह साल 2008 में भारतीय कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष बने। साल 2012 में अध्यक्ष बने। फिर गोंडा में सीनियर नेशनल कुश्ती चैम्पियनशिप का आयोजन हुआ। इसके बाद 2018 में दोबारा चैम्पियनशिप का आयोजन हुआ। 2021 में तीसरी बार आयोजन हुआ।

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