ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास
नार्वे शतरंज का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने
प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे शतरंज जीतने पर प्रज्ञानानंदा को बधाई दी
खेलपथ संवाद
ओस्लो। ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा प्रतिष्ठित नार्वे शतरंज का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए है। चेन्नई के इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने अंतिम दौर में जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराया। मैच के बाद प्रज्ञानानंदा ने बताया कि चेन्नई में अपनी मां से हुई बातचीत ने उनका हौसला बढ़ाया।
नार्वे शतरंज में दूसरी बार हिस्सा ले रहे प्रज्ञानानंदा की शुरुआत धीमी रही थी, लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में उन्होंने रफ्तार पकड़ी और लगातार चार जीत हासिल की। खास बात यह रही कि उन्होंने नार्वे शतरंज के सात बार के चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल बाजी में दो बार हराया। मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश के अंतिम चरण में खिताब की दौड़ से बाहर होने के बाद प्रज्ञानानंदा ने भारत की उम्मीदों को जीवंत रखा और आखिरकार खिताब अपने नाम किया।
प्रज्ञानानंदा ने इस जीत को अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मैग्नस कार्लसन सहित दुनिया के कुछ सबसे मजबूत खिलाड़ियों को हराने से यह खिताब और भी यादगार बन गया है। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का स्तर बहुत ऊंचा था और औसत रेटिंग भी अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक थी। मैच के बाद प्रज्ञानानंदा ने बताया कि चेन्नई में अपनी मां से हुई बातचीत ने उनका हौसला बढ़ाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे शतरंज जीतने पर प्रज्ञानानंदा को बधाई दी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शतरंज खिलाड़ी आर. प्रज्ञानानंदा के निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट जीतने पर बधाई दी और इसे भारतीय खेल इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि करार दिया। प्रज्ञानानंदा नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के 2013 में आरंभ होने के बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
उन्होंने अपने अभियान के दौरान विश्व नंबर एक और सात बार के विजेता मैग्नस कार्लसन को दो बार हराकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। कार्लसन को शतरंज इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, ''प्रज्ञानानंदा को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई। यह वास्तव में एक असाधारण उपलब्धि है जो उनकी निरंतर उत्कृष्टता को दर्शाती है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं।" यह जीत बेहद मजबूत प्रतिस्पर्धा में हासिल हुई, जहां 'ओपन' वर्ग के सभी छह खिलाड़ी 2700 से अधिक रेटिंग वाले थे। कार्लसन 2840 की रेटिंग के साथ शीर्ष पर थे जिससे प्रज्ञानानंदा की यह उपलब्धि और भी अधिक विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण बन जाती है।
