प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को करना चाहिए रक्तदानः कुलाधिपति डॉ. रामकिशोर अग्रवाल
के.डी. हॉस्पिटल में रक्तदाताओं ने किया रक्तदान, दिया मानवीय सेवा का संदेश
मथुरा। अंतरराष्ट्रीय रक्तदान दिवस पर रविवार को केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के पैथोलॉजी विभाग द्वारा एमओआईसी ब्लड सेण्टर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साह से रक्तदान कर मानवीय सेवा का संदेश दिया। शुभारम्भ अवसर पर शिविर की समन्वयक डॉ. सोनम बिलावारिया ने लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
रक्तदान शिविर का शुभारम्भ मानवीय सेवा संकल्प के साथ हुआ। केडी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल तथा कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने रक्तदाताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि रक्तदान से न केवल किसी का जीवन बचता है बल्कि समाज में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी प्रबल होती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हम रक्तदान कर हर किसी के जीवन की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान से कभी कमजोरी नहीं होती लिहाजा प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को हर तीन महीने में रक्तदान कर समाज के दूसरे लोगों को भी प्रेरित करना चाहिए।
प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय सेवा है, जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान करने का माध्यम बनता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि रक्तदाताओं का एक यूनिट रक्त किसी के लिए आशा, जीवन और मुस्कान का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रो-चांसलर अग्रवाल ने कहा कि जब हमारे रक्त से किसी का जीवन बचता है तो हमें जो सुकून व संतुष्टि मिलती है वह अकल्पनीय है।
के.डी. विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने रक्तदान के प्रति लोगों की भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि हमारे शरीर में प्रत्येक तीन महीने में नए ब्लड का निर्माण होता है लिहाजा हम हर तीन महीने बाद रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान से शरीर में कोई कमी नहीं आती। उन्होंने कहा कि रक्त की एक-एक बूंद की कीमत होती है। इसका अहसास हमें तब होता है जब आपात स्थिति में इसकी आवश्यकता होती है।
समन्वयक डॉ. सोनम बिलावारिया ने कहा कि यह रक्तदान शिविर विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी डॉ. प्रणीता जसवंत सिंह के मार्गदर्शन तथा ब्लड बैंक सुपरवाइजर एच.एस. शेखावत की देखरेख में आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि पैथोलॉजी विभाग द्वारा दो दिन का रक्तदान शिविर आयोजित कर मानवता की सेवा का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। शनिवार को मेडिकल छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से रक्तदान का संदेश दिया था तथा 20 छात्र-छात्राओं ने स्वैच्छिक रक्तदान में हिस्सा लिया था। विश्व रक्तदान शिविर की सफलता में ब्लड बैंक सुपरवाइजर एच.एस. शेखावत, एओ अखिलेश शुक्ला, वीरेश कुमार, विजय सिंह, अजय शर्मा, पंकज जोशी, सुषमा देवी, अलका यादव, ललितेश आदि का सराहनीय योगदान रहा।
चित्र कैप्शनः अंतरराष्ट्रीय रक्तदान दिवस पर रक्तदान करते युवा, साथ में ब्लड बैंक की टेक्निकल टीम।
