के.डी. डेंटल कॉलेज के प्राध्यापक ने डिजाइन किया बच्चों का अनोखा टूथब्रश

डॉ. राजीव कुमार सिंह के माउथ मिरर युक्त बच्चों के टूथब्रश का पेटेंट

मथुरा। बचपन से ही अच्छी मौखिक स्वच्छता को बढ़ावा देने, दांतों की सफाई के दौरान आराम, सहयोग और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल, मथुरा के पीडियाट्रिक और प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह ने माउथ मिरर वाले बच्चों के टूथब्रश का डिजाइन किया है। इस डिजाइन को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से स्वीकृति मिलने के साथ ही 10 जून को प्रमाण-पत्र भी जारी कर दिया गया।

डॉ. राजीव कुमार सिंह की इस उपलब्धि पर केडी. विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल, कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर तथा कॉलेज के विभागाध्यक्षों डॉ. अजय नागपाल, डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सिद्धार्थ सिंह सिसोदिया, डॉ. सोनल, डॉ. विनय मोहन, डॉ. अभिषेक, डॉ. अनुज गौर, डॉ. राजीव, डॉ. प्रेरणा, डॉ. नेहा, डॉ. अनुश्री तथा प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया आदि ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।

कुलाधिपति डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि मौखिक स्वच्छता की शुरुआत बचपन से ही होनी चाहिए। जब ​​बच्चों के दांत निकलने शुरू हों, तभी से उन्हें दांत ब्रश करना सिखाना चाहिए। साथ ही, जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, दांतों को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें अच्छी आदतों के बारे में बार-बार बताना चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों पर हर चिकित्सक की नजर होनी चाहिए। डॉ. राजीव कुमार सिंह के माउथ मिरर वाले बच्चों के टूथब्रश के डिजाइन का पेटेंट होना समूचे प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात है।

कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि माउथ मिरर वाले बच्चों के टूथब्रश का पेटेंट ओरल केयर (मौखिक स्वास्थ्य) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और अभिनव आविष्कार है। डॉ. लाहौरी ने कहा कि बच्चों के टूथब्रश के साथ माउथ मिरर तकनीक को जोड़ने से बच्चों में ब्रश करने की आदत आसान और प्रभावी होगी। के.डी. डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर ने अच्छे एवं समसामयिक अनुसंधान के लिए डॉ. राजीव कुमार सिंह को बधाई दी और कहा कि इससे बच्चे और उनके माता-पिता आसानी से देख सकते हैं कि मुंह के पिछले दांत  ठीक से साफ हुए हैं या नहीं।

अपने इस डिजाइन पर डॉ. राजीव कुमार सिंह का कहना है कि हमारा मकसद दांतों की सफाई के दौरान आराम, सहयोग और कार्यक्षमता को बेहतर बनाना तथा ओरल हाइजीन (मुख स्वच्छता) में सुधार करना है। डॉ. राजीव कुमार सिंह बताते हैं कि बच्चों के इस माउथ मिरर ब्रश से दांतों के बीच फंसे भोजन का शुरुआती चरण में ही पता चल जाएगा तथा फ्लोराइड युक्त पेस्ट की मदद से कैविटी को रोका जा सकेगा। डॉ. सिंह का कहना है कि बच्चों का यह मिरर टूथब्रश उबाऊ प्रक्रिया को एक मजेदार गतिविधि में बदल देगा तथा बच्चे खुद से ब्रश करने को प्रेरित होंगे।

चित्र कैप्शनः कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी तथा प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर और पेटेंट प्रमाण-पत्र के साथ डॉ. राजीव कुमार सिंह।

 

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