हरियाणा में हर सरकारी स्कूल की खेल सुविधाओं का तैयार होगा डिजिटल ब्लूप्रिंट

ऑनलाइन 9 जुलाई तक देनी होगी मैदान, कोर्ट और उपकरणों की सभी जानकारी

खेलपथ संवाद

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में शिक्षा विभाग ने राज्यव्यापी डिजिटल सर्वे शुरू किया है। पहली बार सभी सरकारी हाई और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की खेल सुविधाओं का ऑनलाइन डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने 'स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टल' विकसित किया है, जिस पर सभी स्कूलों को 9 जुलाई तक उपलब्ध खेल संसाधनों और भविष्य की जरूरतों का पूरा ब्योरा अपलोड करना होगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य राज्यभर के सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि भविष्य में मैदान, कोर्ट, खेल उपकरण और अन्य अधोसंरचना का विकास वास्तविक जरूरतों के आधार पर किया जा सके। माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय को दो प्रकार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। पहली, वर्तमान में उपलब्ध खेल सुविधाओं का विवरण और दूसरी, किन खेलों के लिए अतिरिक्त अधोसंरचना की आवश्यकता है। इससे यह स्पष्ट होगा कि किस स्कूल में कौन-सी सुविधा उपलब्ध है और किन क्षेत्रों में निवेश की जरूरत है।

इंडोर, आउटडोर और मिश्रित खेलों का अलग-अलग रिकॉर्ड

स्कूलों को इंडोर, आउटडोर तथा मिश्रित खेलों से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी अलग-अलग श्रेणियों में भरनी होगी। प्रत्येक खेल के लिए उपलब्ध मैदान, कोर्ट, उपकरण और प्रस्तावित नई सुविधाओं का विस्तृत विवरण भी ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। विभाग ने डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया चार चरणों में निर्धारित की है। सबसे पहले स्कूल अपने मौजूदा एमआईएस यूजर आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। इसके बाद खेल अधोसंरचना से संबंधित सभी विवरण भरेंगे। पोर्टल से तैयार पीडीएफ रिपोर्ट पर खेल प्रशिक्षक और विद्यालय प्रमुख के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। अंत में हस्ताक्षरित रिपोर्ट को दोबारा पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

जिला शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी

पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिला शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है। वहीं संयुक्त निदेशक (आईटी) को 9 जुलाई तक पोर्टल के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। तकनीकी दिक्कतों के समाधान के लिए हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की गई है।

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का कहना है कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि प्रत्येक सरकारी विद्यालय में खेलों के लिए बेहतर वातावरण विकसित करना है। इसी उद्देश्य से सभी स्कूलों की खेल अधोसंरचना का डिजिटल आकलन कराया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होगा कि किस विद्यालय में किन सुविधाओं की कमी है और भविष्य में संसाधनों का विकास उसी आधार पर किया जाएगा। यह पहल खेल सुविधाओं के विस्तार, पारदर्शी योजना निर्माण और बजट के प्रभावी उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार हर बच्चे को बेहतर खेल अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस योजना से क्या होगा लाभ

राज्य के सभी सरकारी स्कूलों की खेल अधोसंरचना का पहली बार एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार होगा। स्कूलवार खेल सुविधाओं और उनकी कमियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। नई खेल अधोसंरचना के निर्माण और विस्तार की योजनाएं वास्तविक आवश्यकता के आधार पर बनाई जा सकेंगी। बजट आवंटन और संसाधनों के वितरण में भी यह डाटाबेस आधार बनेगा। खेल सुविधाओं के विकास की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सकेगी।

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