पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने भारत के लिए खोला पदक का खाता

राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक अपने नाम किया

खेलपथ संवाद

ग्लासगो। पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पदक का खाता खोल दिया है। पुरुष हैवीवेट के फाइनल में झंडू ने 130.9 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। झंडू ग्रुप बी में शीर्ष पर थे और एक समय स्वर्ण पदक जीतने के करीब थे, लेकिन नाइजीरिया के रिलुवान इदरिस और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने उन्हें तीसरे स्थान पर धकेल दिया।

इदरिस ने 132.8 अंकों के साथ स्वर्ण और हार्डिंग ने 131 अंक के साथ रजत अपने नाम किया। भारत के एक अन्य पैरा पावरलिफ्टर सुधीर 114.1 अंक के साथ छठे स्थान पर रहे। श्रीहरि नटराज पुरुषों के 50 मीटर बैकस्ट्रोक सेमीफाइनल में 25.29 सेकेंड का समय लेकर बाहर हो गए। भारतीय तैराक कुल मिलाकर 11वें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह नहीं बना पाए, जो शीर्ष आठ तैराकों के लिए आरक्षित थी। दक्षिण अफ्रीका के पीटर कोएट्ज़े 24.29 सेकेंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ सबसे तेज क्वालिफायर रहे।

पैरा तैराक आरवीवीबीके बुडिगिना पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 वर्ग के फाइनल में पदक जीतने से चूक गए। बुडिगिना फाइनल में 57.57 सेकेंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे और पदक नहीं जीत सके। वहीं, भारत के एक अन्य पैरा तैरान इमाम अली 1:03.73 समय के साथ आठ तैराकों में सातवें नंबर पर रहे। दक्षिण अफ्रीका के नाथन हेनरिक्स ने 54.54 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। स्कॉटलैंड के स्टीफन क्लेग 55.16 सेकेंड के साथ रजत और इंग्लैंड के मैथ्यू रेडफर्न 56.86 सेकेंड के साथ कांस्य अपने नाम करने में सफल रहे।

भारत की कस्तूरबा राजमणि महिला पैरा पावरलिफ्टिंग हेवीवेट स्पर्धा के पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। राजमणि तीसरे प्रयास में भी विफल रहीं। फाइनल में राजमणि के तीनों ही प्रयास असफल रहे। पहले दो प्रयास में उन्हें 111 किलो का वजन उठाना था, जबकि तीसरे प्रयास में 112 किलो वजन उठाना था। हालांकि, राजमणि ऐसा नहीं कर सकीं।

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