एक विद्यालय,एक खेल मैदान की राज्यसभा में उठी मांग
राज्यसभा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह ने सरकार को सुझाए उपाय
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। बुधवार को संसद में शून्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश सहित देश के सरकारी विद्यालयों में खेल मैदानों के संरक्षण तथा एक विद्यालय, एक खेल मैदान अभियान प्रारम्भ किए जाने का मुद्दा मथुरा के राज्यसभा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने खेल मैदानों से अतिक्रमण हटाने, खेल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने तथा प्रत्येक सरकारी विद्यालय में बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु केंद्र सरकार से प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
राज्यसभा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह ने कहा कि स्वस्थ, अनुशासित एवं प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। राज्यसभा में उत्तर प्रदेश के मथुरा से भाजपा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह ने सरकारी स्कूलों में सिमटते खेल मैदानों और खेल बुनियादी ढांचे (स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है।
संसद के मानसून सत्र में शून्यकाल के दौरान उन्होंने देश और उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की इस गंभीर स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया। सांसद ने सरकार से देश भर में "एक विद्यालय-एक खेल मैदान" अभियान शुरू करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के परिसरों में खेल के मैदानों को सुरक्षित रखने और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। सांसद चौधरी ने चिंता व्यक्त की कि समय के साथ सरकारी स्कूलों में खेल के मैदान लगातार सिमटते (छोटे होते) जा रहे हैं।
बुनियादी ढांचे की कमी और अन्य निर्माण कार्यों के कारण बच्चों के खेलने की जगह प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए ताकि प्रतिभावान बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिले। सदन में इस विषय को उठाए जाने के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों पर खेल प्रेमियों और आम जनता द्वारा इस पहल की काफी सराहना की जा रही है।
