नेत्र रोगियों के लिए वरदान बना के.डी. हॉस्पिटल
दादी मां कांती देवी की स्मृति में 20 सितम्बर तक चलेगा निःशुल्क शिविर
नेत्र शिविर में सभी तरह के ऑपरेशन, दवाएं और खाना-रहना फ्री
मथुरा। किसी के जीवन को रोशनी देना सबसे पुण्य का कार्य है। हर ब्रजवासी की जीवन रोशन हो, इसी बात को ध्यान में रखते हुए के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर प्रबंधन द्वारा धर्मपरायण दादी मां कांती देवी की स्मृति में एक माह का निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर लगाया गया है। बुधवार 19 अगस्त से शुरू हुए इस शिविर में नेत्र रोगियों के सभी तरह के ऑपरेशन निःशुल्क किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं नेत्र पीड़ितों की सभी तरह की जांचें, दवाएं तथा खाने-रहने की सुविधा भी पूरी तरह से निःशुल्क की गई है।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिप्रा त्रिपाठी ने बताया कि के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर प्रबंधन द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों को नेत्र सम्बन्धी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए एक माह का निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर लगाया गया है। शिविर में आने वाले नेत्र रोगियों का विशेषज्ञ चिकित्सक जांच और उपचार कर रहे हैं। शिविर में सभी तरह की जांचें करने के बाद दवाएं मुफ्त दी जा रही हैं तथा जो मरीज मोतियाबिंद, कालापानी या कॉर्निया आदि से पीड़ित हैं, उन्हें ऑपरेशन के लिए भर्ती किया जा रहा है।
चिकित्सा शिविर का लाभ उठाने के लिए सुबह से ही नेत्र रोगी परिजनों के साथ पहुंच रहे हैं। उनका पंजीयन करने के बाद नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिप्रा त्रिपाठी के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अंजली चौधरी, डॉ. अनुपमा पांडेय, डॉ. शिल्पा गुप्ता, डॉ. मनु, डॉ. प्रज्जोत, डॉ. सुरभि, डॉ. प्रगति, डॉ. मेधा, डॉ. सोनी, डॉ. अक्षत, डॉ. विष्णु, डॉ. नोवोना तथा डॉ. इनिशा आदि के सहयोग से नेत्र रोगियों की जांचें और उपचार किया जा रहा है। डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि जिस किसी को भी आंख सम्बन्धी किसी भी तरह की परेशानी है, वह सुबह नौ से शाम चार बजे तक के.डी. हॉस्पिटल के नेत्र रोग विभाग में आकर निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ उठा सकता है। यह शिविर 20 सितम्बर तक चलेगा।
डॉ. शिप्रा त्रिपाठी का कहना है कि के.डी. हॉस्पिटल में फंडस कैमरा, ओसीटी तथा ग्रीन लेजर जैसी अत्याधुनिक मशीनों के होने से यहां सफेद मोतियाबिंद, काला मोतियाबिंद तथा आंखों के पर्दे (रेटिना) से पीड़ित मरीजों का आसानी से ऑपरेशन और उपचार सम्भव हो पाता है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में लेटेस्ट मशीनों द्वारा हर तरह की आंखों की परेशानी का उपचार सहजता से सम्भव है।
डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि के.डी. हॉस्पिटल के नेत्र रोग विभाग में ग्रीन लेजर, रेटिना एंजियोग्राफी, ओसीटी, रेटिना में सूजन, टोनोमेट्री, गोनियोस्कोपी, ग्लूकोमा, एक्स्ट्रा ऑक्यूलर सर्जरी, रेटिनोस्कोपी, आंखों की सोनोग्राफी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां डायबिटिक तथा हाइपरटेंसिव मरीजों के रेटिना सम्बन्धी विकारों की जांच एवं इलाज की भी पूर्ण सुविधा उपलब्ध है।
संस्थान के चेयरमैन मनोज अग्रवाल का कहना है कि आंखें मनुष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं। आंखों के जरिए ही वह दुनिया देख सकता है इसीलिए हमने एक माह के निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर के आयोजन का फैसला लिया है। श्री अग्रवाल ने नेत्र पीड़ितों से शिविर का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
चित्र कैप्शनः विभागाध्यक्ष डॉ. शिप्रा त्रिपाठी के साथ उपचार को आए नेत्र पीड़ित एवं चिकित्सक।
