भारत इन खिलाड़ियों पर करता है नाज नई दिल्ली। दुनिया में खेल अब महज खेल नहीं रहे। एक बेहतरीन करियर हैं। इसमें खिलाड़ियों को नाम, पैसा और भरपूर शोहरत मिलती है, लेकिन इन सब के लिए खिलाड़ियों को जीतोड़ मेहनत करनी पड़ती है। जब कोई भी खिलाड़ी मेहनत से अपना नाम बना लेता हैं, तो उसकी संघर्ष की कहानी पीछे छूट जाती है। आइए जानते हैं देश के उन खिलाड़ियों के बारे में जो विपरीत हालातों को मात देकर सुपरस्टार बने हैं। एथलेटिक्स में एक महीने के भीतर.......
हर पल रहता खतरा ही खतरा श्रीप्रकाश शुक्ला ग्वालियर। बेटियों को हर क्षेत्र में मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है। खेल का क्षेत्र तो इनके लिए और भी मुश्किल है। हम जिन प्रशिक्षकों और खेलनहारों को पिता-तुल्य मानते हैं, उनमें लगभग 25 फीसदी की नजरों में शैतान पलता है। हमने यह आलेख देश की लगभग दो दर्जन राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से.......
समूचे प्रदेश में चलती है इनकी हुकूमत श्रीप्रकाश शुक्ला ग्वालियर। मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग में कोई मंत्री रहा हो या खेल संचालक चली हमेशा डा. विनोद प्रधान की ही है। इनकी शहद सी मधुर वाणी अच्छे अच्छों को अपने मोहपाश में फंसा लेती है। इनकी ताकत का अंदाजा लगाने में जिसने भी गलती की वह कहीं का नहीं रहा। यह किसी को भी फंसा और बचा सकते है.......
एक जुझारू, ईमानदार खेल मंत्री के सामने टोक्यो ओलम्पिक की चुनौती श्रीप्रकाश शुक्ला ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रिमण्डल में जुझारू, ईमानदार यशोधरा राजे सिंधिया को एक बार पुनः खेल मंत्री पद से नवाज कर अपनी शुचिता का नायाब उदाहरण पेश किया है। यशोधरा राजे सिंधिया के मध्य प्रदेश का खेल मंत्री बनते.......
सहारा, अदाणी और रिलायंस समूह कर रहे खिलाड़ियों की मदद खेलपथ प्रतिनिधि ग्वालियर। भारत में खेलों की तस्वीर सिर्फ सरकारें ही नहीं हमारे उद्योगपति भी बदल सकते हैं। देखा जाए तो सहारा, अदाणी और रिलायंस समूह जैसे औद्योगिक घरानों ने किसी न किसी रूप में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर समाज के सामने एक नजीर पेश की है.......
आओ खेलों के विकास की खातिर खेल-पत्रकारिता को समृद्ध करें श्रीप्रकाश शुक्ला हर जीव जन्म से ही उछल-कूद शुरू कर देता है। हम कह सकते हैं कि खेलना हर जीव का शगल है। दुनिया पर नजर डालें तो हम पाते हैं कि आम इंसान जब काम पर नहीं होता तो उसके जेहन में खेलने की लालसा बलवती हो जाती है। खेल बिना जीवन के कोई मायने भी नहीं हैं। जीत-हार हमारे लिए किसी प्रेरणा-पुंज से .......
भारतीय रक्षापंक्ति मजबूत, फारवर्डों को डी में बनाने होंगे अवसर श्रीप्रकाश शुक्ला भारतीय हॉकी टीम अगले साल टोक्यो (जापान) में होने वाले ओलम्पिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन करेगी क्योंकि हमारी रक्षापंक्ति बहुत मजबूत है तथा हमारे फारवर्ड भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय टीम धीरे-धीरे दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में शुमार होती जा रही है। यह कहना है भारत के .......
मध्य प्रदेश के दो शूटर भी शामिल खेलपथ प्रतिनिधि नई दिल्ली। भारत ने अगले साल होने वाले टोक्यो ओलम्पिक के कोटे में इजाफा करते हुए इसकी संख्या 41 तक पहुंचा दी है। इसके साथ ही 74 भारतीय खिलाड़ियों ने खेलों के महाकुंभ के लिए अपनी सीट पक्की कर ली है। फरवरी तक भारत ने 31 कोटे हासिल किए थे, लेकिन नौ भारतीय मुक्केबाजों और भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल.......
विश्व बंधुत्व की पुण्य तारीख अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस आज श्रीप्रकाश शुक्ला आज समूची दुनिया कोरोना संक्रमण के चलते जीवन और मौत के दौर से गुजर रही है। इंसान का जीवन ठहर सा गया है। खिलाड़ियों के बिना मैदान सूने हैं। कहीं से भी किसी खिलाड़ी के पौरुष की खबर सुनाई नहीं दे रही है, ऐसे में भारत सहित अधिकांश देश आज अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस मन.......
श्रीप्रकाश शुक्ला योग को तो हम भारतीय युगों से देखते आ रहे हैं, अब योग का तमाशा भी देख रहे हैं। वैसे ही जैसे गांधी जयंती को अहिंसा दिवस के रूप में, अक्षय तृतीया को सोना खरीदने के लिए या धनतेरस के पहले पुष्य नक्षत्र मनाने के तमाशे देख रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इन दिवसों की राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घोषणाओं से पहले इनका अस्तित्व नहीं था। उत्सवप्रिय भारतीय तो तरह-तरह के दिवस पहले से मनाते रहे हैं, हम हर अवसर पर खुशियां मनाने के कारण तलाश ही लेते .......
