ईरानी कबड्डी प्रशिक्षक शैलजा की कहानी उन्हीं की जुबानी

जकार्ता एशियाड में ईरान ने भारत को 27-24 से हराकर पहली बार महिला कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है। ईरानी टीम को कामयाबी दिलाने वाली कोच हैं शैलजा जैन धोपडे। महाराष्ट्र के खेल विभाग में 32 साल कोचिंग देने वाली शैलजा ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि भारत को कबड्डी खेल में सावधान रहने की जरुरत है क्योंकि कई देश इस खेल में बेहतर कर रहे हैं। शैलजा ने कहा कि मेरे प्रशिक्षण से कबड्डी का स्वर्ण पदक जीतने वाली ईरानी टीम ने कड़ी मेहनत की बदौलत चैम्पियन भारत का मानमर्दन किया। ईरानी टीम की कोच बनने पर शैलजा क.......

अन्य खिलाड़ियों को भी मिले क्रिकेटर्स जैसा प्यार

हिमा और दुती ने कहा- 19 दिन में पांच गोल्ड जीतने वाली 19 साल की हिमा दास और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड जीतकर आईं 23 साल की दुती चंद दोनों फर्राटा धावक हैं। असम की हिमा दास क्रिकेटर्स के मुकाबले अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों को बेहद कम तवज्जो मिलने से दुखी हैं। ओडिशा की दुती चंद को भी यही मलाल है। दुती के मुताबिक, ‘‘11 सेकंड दौड़ने के लिए वर्षों एड़ियां घिसी हैं। धावक रोज सुबह 4 बजे उठकर 8-8 घंटे प्रैक्टिस करता है। ऐसे में अगर देश उसकी उपलब्धियों को नजरअंदा.......

ज्यादा खेलना समझदारी का सूचक नहीं : एमएसके प्रसाद

भारतीय क्रिकेट टीम के राष्ट्रीय चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने मौजूदा चयन समिति में शामिल पूर्व खिलाड़ियों के औसत अंतर्राष्ट्रीय रिकार्ड पर आलोचकों द्वारा लगातार निशाना साधे जाने पर मंगलवार को कहा कि वह इस बात को नहीं मानते ‘अगर आपने अधिक मैच खेले हैं तो.......