विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ वरुण साबित होंगे तुरुप का इक्का
कोलम्बो की पिच पर स्पिनरों को मिलती है काफी मदद
खेलपथ संवाद
कोलम्बो। भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का महामुकाबला रविवार को कोलम्बो में खेला जाएगा। यह मैच आर प्रेमादासा स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां की पिच आमतौर पर स्पिनरों के मददगार मानी जाती है। भारत के पास मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल मौजूद हैं, लेकिन पाकिस्तान भी इस मामले में कम नहीं है क्योंकि उसकी टीम में अबरार अहमद और उस्मान तारिक हैं जो भारतीय बल्लेबाजों के सामने चुनौती पेश कर सकते हैं।
भारतीय टीम शुरुआती दो मैचों में दो स्पिनरों के साथ उतरी है। भारत के लिए अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने स्पिन विभाग का जिम्मा संभाला है। कोलंबो में स्पिनरों की मददगार पिच को देखते हुए इस संभावना को भी खारिज नहीं किया जा सकता कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ तीन स्पिनरों के साथ उतरे। भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने भी भारत को सलाह दी है कि वह अर्शदीप सिंह की जगह कुलदीप यादव को एकादश में शामिल करे। इससे पहले, शुक्रवार को इसी मैदान पर जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला खेला गया था जहां जिम्बाब्वे ने उलटफेर किया था।
यह सोचना भी मुश्किल है कि मिस्ट्री स्पिनर वरुण, अहमद और तारिक की गेंदबाजी इस तरह की पिच पर कैसा असर डाल सकती है। पिछले साल आईपीएल के दौरान वरुण की साइडस्पिन से ओवरस्पिन करने से उनमें सुधार हुआ। कोण में हल्के बदलावों के साथ वरुण कई दूसरे स्पिनरों की तुलना में तेजी से भी गेंदबाजी (औसत 95 किमी प्रति घंटा) करते हैं। हालांकि यह ट्रैक उन्हें रफ्तार धीमी करने पर मजबूर कर सकता है। यह बाबर आजम जैसे बल्लेबाज के लिए अच्छा नहीं है जो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं और वरुण की गेंदों पर संघर्ष करते रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान अब भी शुरू से ही संघर्ष कर रहे हैं और अमेरिका के खिलाफ पिछले मैच में आधुनिक खेल के हिसाब से ढलने में उनकी हिचकिचाहट का का नमूना देखने को मिला।
पाकिस्तान के पास वरुण का मजबूत जवाब है तारिक। उनकी पॉज एंड स्लिंग गेंद डालने के तरीके ने क्रिकेट के गलियारों में पहले ही काफी चर्चा शुरू कर दी हैं। अब रविवार को यह ऑफ-स्पिनर भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकना चाहेगा। कुछ को उनमें पूर्व श्रीलंकाई गेंदबाज लसिथ मलिंगा की झलक मिलेगी। अबरार को थोड़ा कमतर आंका गया है और भारतीय बल्लेबाज भी उनके खिलाफ कुछ बार खेल चुके हैं। लेकिन प्रेमादासा जैसी पिच पर यह लेग-स्पिनर अब भी मुश्किल हो सकता है। 27 साल का यह गेंदबाज खिलाड़ियों को चौंकाने के लिए गुगली और कैरम बॉल पर निर्भर रहता है और उसके 49 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट में से 34 इन्हीं दो गेंदों की बदौलत मिले हैं।
