विश्व कप को लेकर पाकिस्तान का हॉकी में भी ड्रामा

भारत से खेलने को हॉकी फेडरेशन लेगा सरकार से सलाह

खेलपथ संवाद

कराची। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) इस साल बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले एफआईएच मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ खेलने के मामले में अपनी सरकार की सलाह लेगा। पाकिस्तान का ड्रामा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। खेल को राजनीति से दूर करने की बात करने वाला पड़ोसी मुल्क लगातार राजनीति को खेल में शामिल कर रहा है। इससे पहले क्रिकेट में भी पाकिस्तान की गीदड़भभकियां सामने आई थीं, लेकिन बाद में उन्हें झुकना पड़ा था।

इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (एफआईएच) ने टूर्नामेंट के ड्रॉ की घोषणा करते हुए बताया कि भारत और पाकिस्तान को 16 टीमों वाले इस वर्ल्ड कप के 'पूल डी' में रखा गया है। हालांकि, पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) के अधिकारियों ने 'टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट' को बताया कि 19 अगस्त को पहले राउंड के मैच में भारत के खिलाफ मैदान में उतरने के मामले में वे पूरी तरह से सरकार के फैसले का पालन करेंगे।

पुरुषों का हॉकी वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। 2018 में भारत के भुवनेश्वर में हुए टूर्नामेंट में 16 टीमों में से 12वें स्थान पर रहने के बाद, यह पाकिस्तान का पहला वर्ल्ड कप होगा। पाकिस्तान 2014 और 2022 के वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने में असफल रहा था। पाकिस्तान फील्ड हॉकी में चार बार का विश्व चैंपियन है, और उसने अपना आखिरी खिताब 1994 में जीता था।

पीएचएफ इस समय एक अंतरिम व्यवस्था के तहत काम कर रहा है, जिसकी प्रबंधन समिति 27 मार्च को बैठक करेगी और इस मामले पर विचार-विमर्श करेगी। ओलंपियन समीउल्लाह ने 'टेलीकॉमएशियाडॉटनेट' को बताया, 'हमें पता है कि पाकिस्तान और भारत को एक ही पूल में रखा गया है, इसलिए 27 मार्च को होने वाली कार्यकारी समिति की बैठक के एजेंडे में यह मुद्दा भी शामिल होगा। यह एक गंभीर मामला है, इसलिए हमें सरकार से सलाह लेनी होगी।'

2008 के मुंबई हमलों के बाद से भारत ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंध रोक रखे हैं, हालांकि दोनों देश बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हैं। लेकिन पिछले साल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के चलते, भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी पुरुष क्रिकेट टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया था।

टी20 विश्व कप क्रिकेट में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी

राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तान ने पिछले साल भारत में आयोजित हुए हॉकी एशिया कप और हॉकी जूनियर वर्ल्ड कप, दोनों से ही अपना नाम वापस ले लिया था। मेंस टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले भी पाकिस्तान ने इसी तरह के दावे किए थे, तब पाकिस्तानी सरकार ने अपनी टीम से कहा था कि वह श्रीलंका के कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मैच के लिए मैदान पर न उतरे, लेकिन अंत में पाकिस्तान को अपना फैसला बदलना पड़ा। टी20 विश्वकप के दौरान पाकिस्तान ने भर-भर के ड्रामे किए थे। टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी से लेकर भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की गीदड़भभकी तक दे डाली थी। लेकिन बाद में उन्होंने टी20 विश्वकप के साथ-साथ भारत के खिलाफ मैच भी खेला और फिर टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन के बाद बाहर भी हो गए थे।

हॉकी में भी पाकिस्तान टीम की हालत कुछ अच्छी नहीं है। टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ा है। हाल ही में पाकिस्तान हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी, जहां उन्हें सड़कों पर समय बिताना पड़ा था और साथ ही होटल में बर्तन भी धोने पड़े थे। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों और वहां के हॉकी फेडरेशन के बीच जमकर विवाद हुआ था। अब पाकिस्तान हॉकी ने एक नया ड्रामा शुरू कर दिया है।

भारत ने पाकिस्तान को लगातार पांच मैच में हराया

भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी फील्ड हॉकी मैच 30 सितम्बर 2022 को एशियन गेम्स में हुआ था, जिसमें भारत ने 10-2 के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने पिछले सभी पांचों मुकाबले जीते हैं। पाकिस्तान को भारत से फिर से हारने का डर भी हो सकता है, इस वजह से ड्रामे शुरू कर रहा है।

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