अधर में लटकी बिहार में चौथे चरण की शिक्षक बहाली
नोटिफिकेशन जारी न होने से शिक्षक अभ्यर्थी नाराज
खेलपथ संवाद
पटना। बिहार में चौथे चरण की शिक्षक बहाली को लेकर इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के धैर्य का जवाब अब टूटने लगा है। दो साल से अधिक समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों ने सरकार को साफ अल्टीमेटम दे दिया है कि जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाए नहीं तो राज्यभर के अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
देखा जाए तो पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए स्थिति दिन-प्रतिदिन कठिन होती जा रही है। किराया, कोचिंग, भोजन और अन्य खर्चों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके माता-पिता अब लम्बे समय तक तैयारी का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। आर्थिक दबाव के कारण कई छात्र-छात्राएं तैयारी छोड़कर घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार यदि जल्द बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं करती है तो हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।
इस बीच महिला अभ्यर्थियों ने भी अपनी परेशानी सामने रखी। पटना में तैयारी कर रही एक महिला शिक्षक अभ्यर्थी ने कहा कि अब उनके माता-पिता भी आर्थिक दबाव के कारण उन्हें घर लौट आने के लिए कह रहे हैं। परिवार का कहना है कि अगर भर्ती ही नहीं आ रही है तो तैयारी जारी रखना मुश्किल है। इस महिला अभ्यर्थी का कहना है कि सरकार चौथे चरण की शिक्षक बहाली का नोटिफिकेशन जल्द जारी करे ताकि लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिल सके। सरकार एक तरफ बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ जैसे नारे देती है, लेकिन दूसरी तरफ बेटियों को अपने हक और नौकरी के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।'
एक छात्र नेता ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा किया था कि चौथे चरण की शिक्षक बहाली का रिजल्ट नवम्बर तक आ जाएगा और परीक्षा जल्द आयोजित की जाएगी लेकिन आज तक न तो नोटिफिकेशन जारी हुआ और न ही परीक्षा की कोई स्पष्ट तारीख सामने आई है।
''सरकार की ओर से बार-बार तारीखें घोषित की गईं, लेकिन हर बार वह समय सीमा फेल साबित हुईं। बिहार लोक सेवा आयोग के पिछले परीक्षा कैलेंडर में 24 अगस्त, 2025 को चौथे चरण की शिक्षक बहाली परीक्षा आयोजित करने का जिक्र किया गया था लेकिन परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। इसके बाद नए परीक्षा कैलेंडर में सितम्बर में परीक्षा आयोजित करने की बात कही गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से भर्ती प्रक्रिया लम्बित है, इसलिए अब उन्हें इन घोषणाओं पर भरोसा नहीं हो रहा।
छात्र नेता का कहना है कि पिछले वर्ष 16 जुलाई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी चौथे चरण की शिक्षक बहाली जल्द लाने की बात कही थी। उस समय लाखों पदों पर भर्ती होने की संभावना जताई गई थी. लेकिन इसके बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसी वर्ष की शुरुआत में शिक्षा मंत्री ने जनवरी के अंत तक नोटिफिकेशन जारी करने की बात कही थी। वह समय सीमा भी बीत गई, लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।
''शिक्षा विभाग की ओर से बाद में यह जानकारी दी गई कि चौथे चरण की शिक्षक बहाली के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी गई है और मार्च के शुरुआती दिनों में वैकेंसी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा लेकिन मार्च का महीना समाप्त हो गया लेकिन कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
बताते हैं कि अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल को बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक और सचिव से मिलने का अवसर दिया गया. वहां आयोग की ओर से बताया गया कि सरकार ने जो अधियाचना पहले भेजी थी, उसे वापस ले लिया गया है। आयोग के अधिकारियों ने यह भी कहा कि जब नई अधियाचना प्राप्त होगी, उसके बाद वैकेंसी के अनुसार सॉफ्टवेयर और आवेदन पोर्टल तैयार करने में लगभग पांच दिन का समय लगेगा और उसके बाद नोटिफिकेशन जारी किया जा सकेगा। 'अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि 20 मार्च तक नई अधियाचना आयोग को मिल जाएगी लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। यही कारण है कि अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब देने लगा है।
