एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भारत के तीन पदक पक्के
निकहत-प्रिया और प्रीति पवार का सेमीफाइनल में प्रवेश
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारत ने एशियाई बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2026 में तीन पदक पक्के कर लिए हैं। शुक्रवार को पांचवें दिन निकहत जरीन, प्रिया और प्रीति पवार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत के साथ सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। निकहत ने महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पूरी तरह से दबदबा बनाए रखा। उन्होंने पहले ही राउंड में आरएससी (रेफरी स्टॉप्स कॉन्टेस्ट) के आधार पर शियान बागुहिन को हराकर जीत हासिल की।
निकहत जरीन का अब सेमीफाइनल में सामना चीन की वू यू से होगा, जो पेरिस 2024 ओलम्पिक की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। यह निखत के लिए अब तक की सबसे कठिन चुनौती होगी। महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया ने धैर्य और रणनीतिक सूझबूझ का परिचय देते हुए चीन की चेंग्यू यांग को 4-1 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। फाइनल में जगह बनाने के लिए अब उनका मुकाबला मंगोलिया की नामून मोंखोर से होगा। वहीं, महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स की गोल्ड मेडलिस्ट प्रीति पवार ने दिन का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने मंगोलिया की मुगुंटसेतसेग को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर शानदार जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में प्रीति का सामना एक बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी कोरिया की इम एजी से होगा। इम एजी पेरिस 2024 ओलंपिक और 2025 में खेली गई वर्ल्ड चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। यह सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
दीपक क्वार्टर फाइनल से बाहर हुए
पुरुषों के 70 किलोग्राम वर्ग में दीपक क्वार्टर फाइनल में जॉर्डन के जियाद ईशाश से 1-4 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए। तीन मेडल पहले ही पक्के हो जाने और फाइनल में जगह बनाने की होड़ के बीच इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में भारत का अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। इससे पहले गुरुवार को पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में मौजूदा नेशनल चैंपियन आदित्य ने सऊदी अरब के मूसा अलहवसाव को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया था। उन्होंने पूरे मुकाबले के दौरान अपना नियंत्रण और सटीकता बनाए रखी थी। जनवरी में हुई 9वीं एलीट मेन्स नेशनल बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाले आदित्य मुकाबले में पूरी तरह से हावी नजर आए थे। उन्होंने मुकाबले की गति को नियंत्रित करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी के सामने बेहतरीन तकनीक का इस्तेमाल किया था।
