चीनी ताइपे पर भारी पड़ी भारतीय अंडर-20 महिला टीम
टीम इंडिया की क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारतीय अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम ने एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप 2026 में अपने नॉकआउट चरण की उम्मीदों को जीवंत बनाए रखा। टीम ने अपने ग्रुप सी के अंतिम मुकाबले में बुधवार को चीनी ताइपे को 3-1 से हराकर क्वालीफिकेशन की राह में महत्वपूर्ण कदम रखा। इस मैच में भारतीय फारवर्ड शिवानी देवी नोंगमेइकापम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे। उन्होंने 32वें मिनट में पहला गोल करके टीम को बढ़त दिलाई और 87वें मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर जीत सुनिश्चित की।
इससे पहले भूमिका देवी खुमुकचाम ने 26वें मिनट में गोल करके भारतीय टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। चीनी ताइपे की तरफ से जगहापन्न खिलाड़ी काओ सिन ने दूसरे हाफ के तीसरे मिनट में केवल एक गोल कर टीम को सांत्वना गोल दिया। इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह 2004 के बाद एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप में भारत की पहली जीत है।
तीन अंक मिलने के बाद भारत ग्रुप सी में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। अब टीम की निगाहें अन्य ग्रुप के मैचों पर हैं, जिसमें जोर्डन और उज्बेकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला निर्णायक हो सकता है। यदि यह मैच ड्रॉ रहता है, तो भारत ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली दो सबसे अच्छी टीमों में से एक के रूप में क्वार्टर फाइनल में जगह बना सकता है।
इस जीत की अहमियत और भी ज्यादा है क्योंकि भारत को अपने शुरुआती दो मैचों में जापान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा था। पहले मैच में जापान ने भारत को 6-0 से हराया था, जबकि दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 5-0 से जीत दर्ज की थी। ऐसे में चीनी ताइपे के खिलाफ जीत टीम के लिए मानसिक और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण थी।
टीम की यह प्रदर्शन क्षमता और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ावा देता है। शिवानी देवी नोंगमेइकापम और भूमिका देवी खुमुकचाम की गोल स्कोरिंग ने न केवल टीम को जीत दिलाई बल्कि युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भी बढ़ाया। अब भारत की नजर क्वार्टरफाइनल की ओर है, और यदि टीम ग्रुप बी में अन्य मैच के परिणाम अनुकूल रहे, तो भारतीय अंडर-20 महिला टीम एशियाई कप में नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर सकती है।
