मध्य प्रदेश की बेटी कनिष्का शर्मा कजाखस्तान में फहराएगी तिरंगा
दूसरी एशिया पेसिफिक डेफ चैम्पियनशिप में करेगी की देश का प्रतिनिधित्व
खेलपथ संवाद
भोपाल। मध्य प्रदेश की एकमात्र मूकबधिर ताइक्वांडो खिलाड़ी कनिष्का शर्मा एक से सात जून तक कजाखस्तान में होने वाली दूसरी एशिया पेसिफिक डेफ चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। भोपाल की यह जांबाज फिलवक्त अपने प्रशिक्षकों जगजीत सिंह और अर्जुन रावत से गहन प्रशिक्षण ले रही है।
कनिष्का शर्मा की जहां तक बात है भोपाल की 17 साल की यह बिटिया अब तक खेल के क्षेत्र में कई नए मील के पत्थर स्थापित कर चुकी है। यह मध्य प्रदेश की एकमात्र मूकबधिर ताइक्वांडो खिलाड़ी है। कनिष्का 2025 में जापान की राजधानी टोक्यो में हुए डेफ ओलम्पिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। तब उसने पांचवां स्थान हासिल किया था। कनिष्का मध्य प्रदेश की ताइक्वांडो खेल में डेफ ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली खिलाड़ी है। इस बेटी के पिता कपिल शर्मा पेशे से फोटोग्राफर हैं तथा माता प्रियंका शर्मा गृहणी हैं।
माता-पिता के प्रोत्साहन से ही कनिष्का खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। कनिष्का मध्य प्रदेश मार्शल आर्ट अकादमी भोपाल में मुख्य कोच जगजीत सिंह तथा अर्जुन रावत से ताइक्वांडो का गहन प्रशिक्षण लेती है। प्रशिक्षकों का कहना है कि कनिष्का की ग्राह्य शक्ति तेज है। वह एक बार में ही खेल की बारीकी को समझ जाती है। इसमें गजब का जोश और जुनून है। प्रशिक्षकों को कनिष्का से दूसरी एशिया पेसिफिक डेफ चैम्पियनशिप में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
