डोपिंग के दोषियों को हो सकती है पांच साल की जेलः खेल मंत्री
खेल मंत्रालय 24 मई को देशभर में कॉमनवेल्थ गेम्स डे मनाएगा
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। केंद्र सरकार खेलों में डोपिंग के खिलाफ अब और सख्त रुख अपनाने जा रही है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि राष्ट्रीय एंटी डोपिंग अधिनियम में संशोधन कर डोपिंग से जुड़े प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी और सप्लाई को अपराध बनाया जाएगा। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति किसी खिलाड़ी को डोपिंग के उद्देश्य से प्रतिबंधित पदार्थ देता है या उसका इस्तेमाल कराता है, तो उसे पांच साल तक की जेल, दो लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।
खेल मंत्रालय ने इस संशोधन का मसौदा अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक सुझावों के लिए अपलोड कर दिया है। सरकार इसे संसद के अगले सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है। मनसुख मांडविया ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'डोपिंग अब सिर्फ खेलों के नियमों का उल्लंघन नहीं रह गया है, बल्कि यह खिलाड़ियों का शोषण करने वाला एक संगठित तंत्र बन चुका है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम अब तक सिर्फ सेवन करने वालों को सजा देते हैं, लेकिन सप्लाई करने वालों पर भी कार्रवाई जरूरी है।' सरकार का मानना है कि इस कानून से खिलाड़ियों को डोपिंग नेटवर्क से बचाने में मदद मिलेगी और खेलों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मांडविया ने कहा, 'खिलाड़ियों से जुड़े खेलों में उल्लंघन के मामले वर्तमान डोपिंग रोधी ढांचे के तहत ही रहेंगे। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य अवैध आपूर्ति करने वालों, संगठित गिरोहों, दोषी सहयोगी स्टाफ, तस्करों और खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है।' इसी बीच खेल मंत्रालय ने 24 मई 2026 को देशभर में कॉमनवेल्थ गेम्स डे बड़े स्तर पर मनाने की घोषणा की है। इस अवसर पर 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' के 75वें संस्करण का आयोजन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम देशभर के 8,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित होगा। इसका उद्देश्य फिटनेस, खेल भावना, एकता और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देना है। मुख्य आयोजन अहमदाबाद में होगा, जहां मंसुख मांडविया के साथ गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी हिस्सा लेंगे। सरकार का कहना है कि इस पहल के जरिए लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक करने और खेल संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
