मिताली राज ने सुनाया संघर्ष और सफलता का सफर

लोग मेरे किटबैग को अक्सर हॉकी बैग समझ लेते थे

महिला क्रिकेट को पहचान दिलाने के लिए करना पड़ता था संघर्ष

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम पिछले साल की वनडे विश्व कप खिताबी जीत के बाद अब टी20 विश्व कप खिताब जीतने की मुहिम में जुटी है। पूर्व कप्तान मिताली राज ने बुधवार को कहा कि उनका सफर देश में महिला क्रिकेट की उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है, जिसमें सीमित मौकों से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बनना शामिल है।

मिताली ने कहा कि उनका व्यक्तिगत सफर देश में इस खेल के विकास की कहानी भी है। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली महिला भारतीय टीम इंग्लैंड और वेल्स में होने वाले टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को बर्मिंघम में अपने अभियान की शुरूआत करेगी और 1990 के दशक से लेकर यह खेल काफी आगे बढ़ चुका है जब महिला क्रिकेट को पहचान और मजबूत ढांचा पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। इस बदलाव का सबसे बड़ा परिणाम पिछले साल भारत और श्रीलंका में आयोजित महिला वनडे विश्व कप में भारत की पहली खिताबी जीत रही, जिसने लंबे समय से चली आ रही धारणाओं को बदलने में मदद की।

भारत अब अपने पहले टी20 विश्व कप खिताब की तलाश में है ताकि वह अपने वनडे विश्व कप खिताब के साथ एक और विश्व खिताब जोड़ सके। मिताली ने कहा कि अनुकूलन क्षमता, परिस्थितियों की समझ और सीखने की इच्छा ऐसी खूबियां हैं जो भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी। कई बार हम बहुत मेहनत करते हैं और महसूस करते हैं कि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। फिर ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनके लिए हम तैयार नहीं होते। यदि आप अपने आसपास के माहौल और परिस्थितियों को समझते हैं तो उनके अनुसार खुद को ढालने की बेहतर स्थिति में होंगे।

बहुत कम लोग जानते थे कि महिलाएं भी क्रिकेट खेलती हैं

खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालना बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए खुले विचारों वाला होना, सीखने की इच्छा रखना, नए अनुभव हासिल करना और उन्हें अपने प्रशिक्षण में शामिल करना जरूरी है। मेरी सलाह है कि हमेशा जागरूक रहें और नयी चीजों को अपनाने के लिए तैयार रहें। अपने शुरुआती दिनों की चुनौतियों को याद करते हुए मिताली ने कहा कि जब वह बड़ा किटबैग लेकर ट्रेन से यात्रा करती थीं तो लोग अक्सर उन्हें हॉकी खिलाड़ी समझ लेते थे क्योंकि बहुत कम लोगों को पता था कि भारत में महिलाएं भी क्रिकेट खेलती हैं। जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तब बहुत कम लोग जानते थे कि महिलाएं भी क्रिकेट खेलती हैं।

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