मनप्रीत सिंह ने छुआ हॉकी में एक और मील का पत्थर

412 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर दिलीप टिर्की की बराबरी की

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने भारतीय हॉकी के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 33 वर्षीय मनप्रीत ने शनिवार को रॉटरडैम में नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में उतरते ही भारत के पूर्व कप्तान और हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 412 अंतरराष्ट्रीय मैचों के राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

मनप्रीत सिंह अब 400 से अधिक सीनियर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ियों के विशिष्ट क्लब में शामिल हैं और वर्तमान में इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले एकमात्र सक्रिय भारतीय खिलाड़ी हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने मनप्रीत को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके वर्षों के समर्पण, प्रतिबद्धता और निरंतर प्रदर्शन का प्रमाण है। टिर्की ने कहा, 'मैं मनप्रीत को इस महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंचने पर बधाई देता हूं। यह एक शानदार उपलब्धि है, जो उनके समर्पण और निरंतरता को दर्शाती है। मैं उनके आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह भारतीय हॉकी में इसी तरह योगदान देते रहेंगे।'

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी मनप्रीत के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय टीम के साथ उनका सफर खेल के प्रति उनके असाधारण समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने कहा, '412 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह इस बात का प्रमाण है कि मनप्रीत ने वर्षों तक देश का सर्वोच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करते हुए निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।' उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक मंच पर भारतीय हॉकी की वापसी में मनप्रीत की भूमिका बेहद अहम रही है। एक वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में उनका नेतृत्व और दबाव की परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

मनप्रीत सिंह पिछले एक दशक से भारतीय पुरुष हॉकी टीम की सफलता के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। उन्होंने ओलंपिक, हॉकी विश्व कप, एशियाई खेल और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे कई बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के भी महत्वपूर्ण सदस्य रहे थे। उनके अनुभव, नेतृत्व और निरंतर प्रदर्शन ने भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब मनप्रीत के पास अगले मुकाबले में मैदान पर उतरते ही दिलीप टिर्की का रिकॉर्ड पीछे छोड़कर भारत के लिए सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बनने का अवसर होगा।

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