असुंता लाकड़ा बोलीं- मैं झूठे आरोप क्यों लगाऊंगी?

कुछ खिलाड़ियों ने बोलने की हिम्मत दिखाई, कुछ डर के मारे चुप रहे

खेलपथ संवाद

रांची। भारत की पूर्व महिला हॉकी कप्तान असुंता लाकड़ा ने आरोप लगाया है कि स्टेट एसोसिएशन ने एक कोच के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों को नजरअंदाज किया और इसके बजाय महिला खिलाड़ियों की भलाई के बारे में चिंता जताने वालों को धमकाया है। भारत की पूर्व स्टार ने यह भी दावा किया कि कथित गलत व्यवहार लम्बे समय तक जारी रहने के बावजूद खिलाड़ी सामने आने से डर रहे थे।

असुंता लाकड़ा ने कोच की पहचान सुधीर गोला के रूप में की। उन्होंने कहा कि उन्हें झारखंड ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया था और उन्होंने पिछले एक से दो साल से टीम को मैनेज किया था। उस दौरान वह और उनके पति उनके साथ काम करते थे। असुंता लाकड़ा ने कहा, "आरोप सुधीर गोला पर हैं, जो तेलंगाना से हैं। सरकार ने उन्हें झारखंड में ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किया था, और उन्होंने पिछले एक-दो साल से टीम को संभाला है।

मैं और मेरे पति भी उनके साथ काम कर रहे थे। पहले, कई लोगों ने उनके बारे में चिंता जताई थी, लेकिन हमने उन पर विश्वास नहीं किया। उनके व्यवहार को लेकर झगड़े हुए और हमने उनका बचाव किया क्योंकि हमें नहीं पता था कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है। लाकड़ा ने कहा कि सच आंतरिक जांच के बाद ही सामने आना शुरू हुआ। कुछ खिलाड़ियों ने बोलने की हिम्मत दिखाई, जबकि कुछ डर के मारे चुप रहे। उन्होंने कहा, "जब आंतरिक कमेटी ने खिलाड़ियों से पूछताछ शुरू की, तो कुछ ने बात की जबकि कुछ चुप रहे। कई खिलाड़ियों ने गलत व्यवहार का सामना किया था लेकिन वे आगे आने को तैयार नहीं थे। जब एक-दो खिलाड़ियों ने बोलने की हिम्मत दिखाई, तो यह साफ हो गया कि आरोप सच थे।"

असुंता लाकड़ा ने यह भी दावा किया कि उनके पास आरोपों को साबित करने के लिए सबूत हैं। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ सुनी-सुनाई बात नहीं है। मेरे पास ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो मैं उन्हें दिखा सकती हूं।" उन्होंने दावा किया कि खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के दौरान और टीम के साथ यात्रा करते समय कई घटनाओं की जानकारी दी।

कुछ खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र किया, जिसमें विशाखापत्तनम और राजगीर में हुई एक घटना शामिल है। एक खिलाड़ी ने कहा कि जब टीम एक मैच के बाद बस से यात्रा कर रही थी, तो उन्होंने उसे फोन किया और उससे मिलने के लिए कहा। मैं सारी जानकारी विस्तृत रूप से नहीं दे सकती, लेकिन खिलाड़ी ने हमें यही बताया।

असुंता लाकड़ा ने कहा, खिलाड़ी ने बताया कि गलत व्यवहार सिर्फ यात्रा तक ही सीमित नहीं था। ट्रेनिंग सेंटर में एक्टिविटीज के दौरान भी ऐसा ही व्यवहार हुआ। ट्रेनिंग सेंटर में प्रोग्राम के दौरान भी कई बार ऐसा हुआ जब उसने सीनियर खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया और खासतौर पर जूनियर लड़कियों को बुलाया। आमतौर पर, अनुभवी सीनियर खिलाड़ी जिम्मेदारियां लेते हैं, लेकिन वह जूनियर लड़कियों पर ही ध्यान देता रहा।"

कोच के बर्ताव पर सवाल उठाते हुए, लाकड़ा ने कहा कि टीम मीटिंग के दौरान उनका बर्ताव गलत था और उन्होंने इस मुद्दे को उठाने के अपने फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा, "टीम मीटिंग के दौरान, जब सब एक साथ खड़े होते थे, तो वह एक जूनियर लड़की के कंधे पर हाथ रखते थे। क्या एक कोच के लिए यह सही बर्ताव है? जब मैंने इन मुद्दों को सामने लाया, तो क्या मेरा ऐसा करना गलत था? इतने सालों तक देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद, मैं किसी पर झूठे आरोप क्यों लगाऊंगी?"

असुंता लाकड़ा ने यह भी बताया कि कई कथित पीड़ित अभी भी डर के कारण बोलने से हिचकिचा रहे हैं। मेरी मुख्य चिंता यह है कि किसी भी लड़की को कुछ भी गलत न सहना पड़े। पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर महिला खिलाड़ियों के साथ हैरेसमेंट के बारे में चिंता जताने के बाद उन्हें धमकाने और डराने का आरोप लगाया है।

झारखंड के खेल मंत्री, मुख्यमंत्री, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), इंडियन ओलम्पिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पी.टी. ऊषा, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और दूसरी अथॉरिटीज को भेजी गई लिखित शिकायतों में असुंता लाकड़ा ने आरोप लगाया कि जिन पर गलत काम का आरोप है, उन्हें बचाया जा रहा है, जबकि इस मुद्दे को उठाने वालों पर चुप रहने का दबाव है। हालांकि, भोलानाथ सिंह ने आरोपों से इनकार किया है, और उन्हें बेबुनियाद और साजिश का हिस्सा बताया है।

रिलेटेड पोस्ट्स