विश्व विटिलिगो दिवस पर मथुरा में होगा कवि सम्मेलन
कलंक से शक्ति की ओर थीम पर होंगे विविध कार्यक्रम
विशिष्ट शख्सियतों को किया जाएगा सम्मानित
खेलपथ संवाद
मथुरा। विटिलिगो (सफेद दाग) के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने तथा प्रभावित व्यक्तियों के आत्मविश्वास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 25 जून 2026 को विश्व विटिलिगो दिवस पर विटिलिगो सपोर्ट इंडिया द्वारा विशेष सम्मान और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह होटल मनभावन महाविद्या कॉलोनी, नियर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा में शाम पांच बजे से होगा।
इस वर्ष विश्व विटिलिगो दिवस की थीम कलंक से शक्ति की ओर है, जिसका उद्देश्य विटिलिगो से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त कर प्रभावित व्यक्तियों को सम्मान, स्वीकृति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वागत एवं उद्घोषणा के साथ होगा, जिसमें विश्व विटिलिगो दिवस के महत्व एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला जाएगा। कार्यक्रम में विटिलिगो से संबंधित जागरूकता, प्रेरणादायक व्यक्तित्वों की उपलब्धियों तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष चर्चा की जाएगी।
इस अवसर पर विटिलिगो सपोर्ट इंडिया के सचिव डॉ. कपिल बंसल संस्था की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। संस्था द्वारा विटिलिगो से प्रभावित उपस्थित साथियों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कवि सम्मेलन होगा, जिसमें सुप्रसिद्ध साहित्यकार वन्दना चौधरी, डॉ. सलीम अहमद 'एटवी' एवं डॉ. उदयवीर सिंह, संजय कुमार एडवोकेट आगरा, राकेश शर्मा दद्दू आगरा अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक जागरूकता एवं सकारात्मकता का संदेश देंगे। विशेष रूप से डॉ. सलीम अहमद 'एटवी' एवं वन्दना चौधरी स्वयं विटिलिगो से प्रभावित हैं और अपनी प्रतिभा एवं उपलब्धियों के माध्यम से समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
कार्यक्रम में "आपबीती" नामक विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें विटिलिगो से प्रभावित व्यक्तियों के संघर्ष, साहस, आत्मविश्वास और सफलता की सच्ची कहानियाँ साझा की जाएँगी। यह सत्र समाज को यह समझाने का प्रयास करेगा कि विटिलिगो केवल त्वचा की एक अवस्था है, न कि किसी व्यक्ति की पहचान।
संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि विश्व स्तर पर लगभग प्रत्येक 250 व्यक्तियों में से एक तथा भारत में लगभग प्रत्येक 25 से 50 व्यक्तियों में से एक व्यक्ति विटिलिगो से प्रभावित है। इसके बावजूद समाज में आज भी अनेक भ्रांतियाँ और भेदभाव देखने को मिलते हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विटिलिगो सपोर्ट इंडिया का उद्देश्य प्रभावित व्यक्तियों को मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करना तथा समाज में यह संदेश पहुँचाना है कि "रंग बदल सकता है, लेकिन इंसान की पहचान नहीं।" संस्था ने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं जागरूक नागरिकों से कार्यक्रम में सहभागिता कर इस सामाजिक अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है।
