भारतीय बेटियां पैसा उधार लेकर विश्व हैंडबाल चैम्पियनशिप खेलने गईं

केन्द्र सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण ने नहीं दिया एक भी पैसा

खिलाड़ी बेटियों ने 3-3 लाख रुपये जुटाए, गरीब परिवारों से आती हैं

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारतीय खेल मंत्रालय और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) द्वारा नियम-कायदों का हवाला देते हुए जो बेरुखी दिखाई उसके चलते भारतीय खिलाड़ी बेटियों को कर्ज लेकर चीन में अंडर-20 विश्व हैंडबाल चैम्पियनशिप में खेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। महिला हैंडबॉल टीम सोमवार को जिनझोंग के लिए रवाना हुई। दरअसल, आईओए ने हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया को मान्यता दे रखी है जबकि अंतरराष्ट्रीय महासंघ ने आईओए से कहा है कि देश में इस खेल का संचालन हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया करेगा।

इस खेल के किसी भी राष्ट्रीय महासंघ से मान्यता नहीं होने के कारण खेल मंत्रालय और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया महिला टीम की मदद के लिए आगे नहीं आए। हालांकि बीते वर्ष स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसी टीम को एशियाई चैम्पियनशिप में भाग लेने के लिए अपने खर्चे पर भेजा था। इस बार हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) की गुहार के बावजूद स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सरकारी मदद पर टीम नहीं भेजी।

बच्चों का करियर खराब न हो इसलिए हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने टीम के 12 सदस्यों से तीन-तीन लाख रुपये जुटाने को कहा। बेहद गरीब घर के बच्चों ने विश्व चैम्पियनशिप में खेलने का सपना पूरा करने के लिए कर्ज लेकर यह राशि जुटाई। अंडर-20 टीम में गईं अधिकतर लड़कियां सामान्य या गरीब परिवार से आती हैं। टीम की दो सदस्यों मुस्कान और स्वाति के पिता का देहांत हो चुका है। उनके परिवार ने भी किसी तरह कर्ज लिया और उन्हें भेजा। टीम की एक और सदस्य कानपुर की सौम्या के ड्राइवर पिता बीमार हैं। उनकी सप्ताह में दो बार डायलिसिस होती है। सौम्या के भाई ने जानने वालों से उधार लेकर बहन के विश्व चैम्पियनशिप में खेलने का इंतजाम किया।

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर की शिवानी के पिता किसान हैं। उनके पिता ने भी बेटी के लिए उधार लिया है। यह टीम सिर्फ 10 दिन की तैयारियों के दम पर विश्व चैम्पियनशिप में खेलने जा रही है। हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने टीम का तैयारी शिविर चंडीगढ़ में आउटडोर कोर्ट पर लगाया था। टूर्नामेंट इंडोर कोर्ट पर होना है। हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के निदेशक आनंदेश्वर पांडेय का कहना है कि फेडरेशन के पास इतना पैसा नहीं था कि कैंप इंडोर कोर्ट पर लगाया जाता।

अंतरराष्ट्रीय महासंघ ने देश में हैंडबॉल के संचालन की कमान हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया को सौंप रखी है, जबकि इसकी खेल मंत्रालय से मान्यता नहीं है। उसने भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) को हैंडबॉल की एडहॉक कमेटी स्थापित करने को कहा है, लेकिन आईओए ने दूसरे धड़े हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया को मान्यता दी है। अंतरराष्ट्रीय महासंघ ने आईओए से कहा है कि देश में इस खेल का संचालन हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया करेगा। विवाद का समाधान नहीं होने का खामियाजा खिलाड़ी भुगत रहे हैं।

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