हरियाणा के धीरज कुमार का थाईलैंड में दिखा दम
एशियन ग्रीको रोमन कुश्ती चैम्पियनशिप में जीता कांस्य पदक
खेलपथ संवाद
रोहतक। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय रोहतक के छात्र धीरज कुमार मलिक ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए थाईलैंड के पटाया में आयोजित जूनियर एशियन ग्रीको-रोमन कुश्ती चैम्पियनशिप-2026 के 77 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश तथा हरियाणा और बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है।
धीरज मलिक ने कठिन मुकाबलों का सामना करते हुए अपने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया। एशियाई स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतना न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारतीय कुश्ती और बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय की खेल परम्परा के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। धीरज की उपलब्धियों का सिलसिला लगातार जारी है। वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता के 77 किलोग्राम भार वर्ग में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। जनवरी 2026 में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित एआईआईयू इंटर यूनिवर्सिटी कुश्ती प्रतियोगिता में उन्होंने रजत पदक जीतकर विश्वविद्यालय की झोली में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी।
इससे पूर्व वर्ष 2025 में आयोजित सीनियर हरियाणा राज्य कुश्ती प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी श्रेष्ठ प्रतिभा का परिचय दिया। धीरज का खेल सफर प्रारंभ से ही उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2024 में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में उन्होंने रजत पदक जीता, जबकि वर्ष 2023 में दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित स्कूल नेशनल प्रतियोगिता तथा गोंडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित कैडेट नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की। धीरज मलिक के पिता कृष्ण कुमार जिला जींद के गांव निडाना निवासी ने अपने पुत्र की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया।
इस अवसर पर बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महंत बालकनाथ योगी ने धीरज मलिक को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि धीरज की यह उपलब्धि देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह सिद्ध करती है कि समर्पण, अनुशासन एवं निरंतर मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि धीरज भविष्य में विश्व स्तर पर भी भारत का गौरव बढ़ाएंगे।
कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. एम. यादव ने कहा कि बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उत्कृष्ट खेल सुविधाएं एवं प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। धीरज की सफलता विश्वविद्यालय की खेल संस्कृति, प्रशिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों के समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।
कुलसचिव (रजिस्ट्रार) डॉ. विनोद कुमार ने धीरज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पूरे विश्वविद्यालय परिवार का गौरव बढ़ा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि धीरज आने वाले राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय और देश का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। खेल निदेशक डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि धीरज मलिक अत्यंत अनुशासित, मेहनती एवं समर्पित खिलाड़ी हैं। उनकी निरंतर अभ्यास करने की आदत और जीत का जज्बा ही उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो संस्थान की मजबूत खेल व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का प्रमाण है।
धीरज मलिक की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रशिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि धीरज भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का तिरंगा शान से लहराते हुए बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, हरियाणा और देश का नाम विश्व पटल पर और अधिक गौरवान्वित करेंगे।
