अहमदाबाद को सौंपा गया राष्ट्रमंडल खेल ध्वज और होस्ट बैटन

24वें राष्‍ट्रमंडल खेलों का जश्न मनाने भारत आएंगे राष्ट्रमंडल देश

खेलपथ संवाद

ग्लास्गो। ग्लासगो में कल रात राष्‍ट्रमंडल खेलों के समापन के साथ ही 2030 में अहमदाबाद राष्‍ट्रमंडल खेलों के लिए उल्टी गिनती का दौर आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। समापन समारोह के दौरान, भारत ने दुनिया को अहमदाबाद आने का न्योता दिया। इस दौरान प्राचीन दर्शन, आधुनिक कला और सांस्कृतिक भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिला।

इस हस्‍तांतरण प्रस्तुति के साथ ही 2030 में होने वाले खेलों के शताब्दी संस्करण की यात्रा आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई। किंग चार्ल्स तृतीय के प्रतिनिधि के तौर पर प्रिंस एडवर्ड, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग ने ग्लासगो में खेलों के समापन की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने सभी देशों और क्षेत्रों के एथलीटों से चार साल बाद 24वें राष्‍ट्रमंडल खेलों का जश्न मनाने के लिए अहमदाबाद आने का आह्वान किया।

औपचारिक हस्‍तांतरण की शुरुआत राष्‍ट्रमंडल खेलों के झंडे की एरिना में प्रतीकात्मक यात्रा के साथ हुई। स्कॉटिश और भारतीय झंडे थामे लोगों की अगुवाई में, जुलूस ने खेलों के मुड़े हुए झंडे को नीचे उतारा। इसके बाद ग्लासगो की लॉर्ड प्रोवोस्ट जैकलीन मैकलारेन ने इस झंडे को राष्‍ट्रमंडल खेल स्कॉटलैंड की उपाध्‍यक्ष सुसान जैक्सन को, दो बार के ओलम्पिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलम्पिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा और अंत में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंपा। इसके साथ ही स्कॉटलैंड से भारत को मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर सौंप दी गई।

भारत ने पिछली बार 2010 में नई दिल्ली में राष्‍ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी। 11 दिनों के कड़े मुकाबले के बाद, भारतीय एथलीट संतुष्ट होकर ग्लासगो से रवाना हुए। उन्होंने राष्‍ट्रमंडल खेलों में 13 स्‍वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्‍य सहित कुल 39 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।

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