टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड की 51 रनों से धमाकेदार जीत
आर्चर-विल की घातक गेंदबाजी से मेजबान श्रीलंका हारा
खेलपथ संवाद
पाल्लेकल। फिल सॉल्ट (40 गेंदों पर 62 रन) की दमदार बल्लेबाजी के बाद जोफ्रा आर्चर और विल जैक्स की तेज और स्पिन गेंदबाजों की जोड़ी ने श्रीलंका के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर इंग्लैंड को रविवार को यहां टी20 विश्व कप के सुपर आठ मुकाबले में 51 रन की शानदार जीत दिलाई। बाएं हाथ के स्पिनर दुनिथ वेलालगे (26 रन पर तीन विकेट) की अगुआई में श्रीलंका की अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण ने इंग्लैंड को नौ विकेट पर 146 रन तक सीमित कर दिया था, जिससे लग रहा था कि मुकाबला मेजबान टीम की पकड़ में है।
आर्चर और ऑफ स्पिनर ऑलराउंडर जैक्स ने हालांकि मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया। दोनों ने पावरप्ले में कहर बरपाते हुए छठे ओवर तक श्रीलंका का स्कोर पांच विकेट पर 34 रन कर दिया। श्रीलंकाई टीम इससे उबर नहीं पाई और कप्तान दासून शनाका की 30 रन की पारी के बावजूद 16.4 ओवर में 95 रन पर आउट हो गई। जैक्स ने चार ओवर में 22 रन देकर तीन विकेट झटके, जबकि आर्चर ने तीन ओवर में 20 रन देकर दो विकेट हासिल किए। उन्हें लियाम डॉसन ( चार ओवर में 27 रन पर दो विकेट) और आदिल रशीद (3.4 ओवर में 13 रन पर दो विकेट) का भी शानदार साथ मिला। मैच में सॉल्ट की छह चौके और दो छक्के जड़ित पारी निर्णायक साबित हुई।
जैक्स ने बल्ले से भी 14 गेंद में 21 रन का योगदान दिया और इस हरफनमौला प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए। इंग्लैंड के अन्य बल्लेबाज पूरी तरह विफल रहे। इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही थी तो श्रीलंका की शुरुआत उससे भी बदतर रही। आर्चर ने खतरनाक पाथुम निसांका (आठ गेंदों पर नौ रन) को जल्दी पवेलियन भेज दिया। जेमी ओवरटन को ठीक उसी गेंद से पहले डीप मिडविकेट पर तैनात किया गया था और निसांका तेज और फुल लेंथ गेंद की योजना में फंस गए। पहली पारी में वेलालगे की भूमिका को दोहराते हुए जैक्स ने लगातार दो गेंदों पर कुसल मेंडिस और पवन रत्नायके को आउट कर श्रीलंका पर दबाव बना दिया।
आर्चर ने कमिल मिशारा को गली में ओवरटन के हाथों कैच कराया जिससे टीम ने 22 रन तक चार विकेट गंवा दिए। जैक्स ने वेलालगे को मिड-ऑन पर कप्तान हैरी ब्रूक के हाथों कैच आउट कराया। लियाम डॉसन की गेंद पर कामिंदु मेंडिस का कैच आउट होना श्रीलंका के लिए बड़ा झटका साबित हुआ और पल्लेकल में मौजूद खचाखच भरी भीड़ सन्न रह गई। शनाका ने 24 गेंद की पारी में एक चौका और दो छक्का जड़ संघर्ष जारी रखा लेकिन रशीद की गेंद पर उनके आउट होते ही श्रीलंका की उम्मीदों ने दम तोड़ दिया।
ग्रुप चरण में संघर्ष करने के बाद टूर्नामेंट के सुपर आठ चरण में इंग्लैंड की शुरुआत ब्रूक के आक्रामक क्रिकेट खेलने के दावे के बिल्कुल उलट रही। श्रीलंका ने पावरप्ले में इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को जकड़ कर रखा और दो विकेट झटकते हुए पहले छह ओवर में सिर्फ 37 रन दिए। टूर्नामेंट में जोस बटलर के खराब फॉर्म और स्पिन के खिलाफ हालिया संघर्ष को देखते हुए शनाका का पावरप्ले में वेलालगे को गेंद सौंपना सही साबित हुआ। वेलालगे ने अपने पहले तीन ओवरों में बटलर और ब्रूक (सात गेंदों पर 14 रन) को आउट कर इंग्लैंड को 10 ओवर में चार विकेट पर 68 रन की मुश्किल स्थिति में पहुंचा दिया। वेलालगे ने धीमी गेंद पर ब्रुक को छकाया। यह गेंद टर्न होने के बाद उनके बल्ले को चकमा देते हुए पैड पर लगी।
बटलर (14 गेंदों पर सात रन) रिवर्स स्वीप की कोशिश में दिन के पहले शिकार बने। वह पगबाधा करार दिये गए। उनकी यह धीमी पारी इंग्लैंड टीम प्रबंधन को अगले मैच में स्पिनरों के खिलाफ अच्छे रिकॉर्ड वाले बेन डकेट जैसे बल्लेबाज को मौका देने पर विचार करने के लिए मजबूर कर सकती है। तीक्षणा ने (चार ओवर में 21 रन पर दो विकेट) ने जैकब बेथेल को आउट किया, जिनका शॉट थर्ड मैन पर खड़े दिलशान मधुशंका (चार ओवर में 25 रन पर दो विकेट) के हाथों में चला गया। मधुशंका ने नयी गेंद से किफायती गेंदबाजी करते हुए शुरुआती तीन ओवर में सिर्फ 16 रन दिए।
