लय में आ जाए तो संजू पहले छह ओवरों में ही जिता सकता है मैच
फाइनल के हीरो सैमसन पर कोच गौतम गंभीर का बड़ा बयान
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि जब संजू सैमसन अपनी फॉर्म में होते हैं तो वह पावरप्ले में ही विपक्षी टीम से मैच छीन सकते हैं। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के अंतिम चरण में सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में तूफानी अंदाज में अर्धशतक जड़कर भारत को रिकॉर्ड तीसरी बार खिताब जीतने में मदद की।
अभिषेक शर्मा और सैमसन ने फाइनल में मिलकर पावरप्ले में 92 रन बनाए और इस तरह से न्यूजीलैंड से मैच छीन लिया। गंभीर ने जियो स्टार पर कहा कि हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है। उसकी प्रतिभा और विस्फोटक बल्लेबाजी पर कभी कोई संदेह नहीं था। अगर वह लय में आ जाए तो पहले छह ओवरों में ही मैच जिता सकता है। सैमसन का विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसलिए उन्हें आईसीसी टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी। जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो के मैच में मौका मिलने पर सैमसन ने 15 गेंदों में 24 रन बनाकर लय हासिल की और इसके बाद अगले तीन मैच में नाबाद 97, 89 रन और 89 रन बनाए। गंभीर ने कहा कि मैंने उसे जिम में यह बात बताई।
दरअसल हम दोनों साथ में ट्रेनिंग कर रहे थे और मैंने उसे बस इतना बताया कि तुम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलोगे और उसने कहा, 'ठीक है।' हमारी बातचीत कुछ इसी तरह से अनौपचारिक होती है। यह किसी मुख्य कोच और खिलाड़ी के रिश्ते जैसा नहीं है। यह एक ऐसा रिश्ता है जिसमें हमारी आमने-सामने की अधिकतर बातचीत अभ्यास सत्रों के दौरान होती है। टीम में सैमसन की अनुपस्थिति में भारत के शीर्ष क्रम में ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के रूप में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज शामिल थे। गंभीर ने जोर देकर कहा कि सैमसन को अंतिम एकादश में शामिल करने का फैसला बाएं हाथ के बल्लेबाजों के संयोजन को तोड़ने के उद्देश्य से नहीं बल्कि टीम को अधिक आक्रामक ताकत देने के लिए लिया गया था।
उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि बहुत से लोग इस बारे में बात करेंगे कि हम शीर्ष क्रम पर मौजूद तीनों बाएं हाथ के बल्लेबाजों के संयोंजन को तोड़ना चाहते थे, ऐसा बिल्कुल नहीं है। हम बस और अधिक आक्रामक होना चाहते थे। पिछले डेढ़ साल से हमारी मानसिकता यही रही है कि मैदान पर उतरकर हम जितना हो सके उतना आक्रामक प्रदर्शन करें। संजू को टीम में लाने का कारण दूसरे छोर से ऑफ-स्पिनर को नियंत्रित करना नहीं बल्कि इस बात पर आधारित था कि क्या हम पहले छह ओवरों में और अधिक आक्रामक हो सकते हैं। अभिषेक टूर्नामेंट के पहले तीन मैच में खाता भी नहीं खोल पाए थे, लेकिन उन्होंने इसके बाद दो अर्धशतक लगाए, जिनमें फाइनल में लगाया गया अर्धशतक भी शामिल है।
गंभीर ने कहा कि आईपीएल 2014 में मेरा अनुभव उससे भी बदतर रहा था जब मैं लगातार चार मैचों में शून्य पर आउट हुआ। मैंने उससे बस इतना कहा था कि लोग आपके स्कोर देखेंगे और आपकी फॉर्म के बारे में बात करेंगे, लेकिन असल में आप खराब फॉर्म नहीं हो, बस रन नहीं बना पा रहे हैं। आपकी फॉर्म का सही आकलन तभी हो सकता है जब आप 20 से 30 गेंदें खेल चुके हों और उसने अभी तक 20 गेंदें भी नहीं खेली हैं। मैं बस यही चाहता था कि वह हर अगले मैच में पिछले मैच की तुलना में अधिक आक्रामक होकर खेले। अभिषेक को लेकर कोई संदेह नहीं था। सच कहूं तो हम सभी को टी20 विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने गए प्रत्येक खिलाड़ी पर पूरा भरोसा था।
