पाकिस्तान 11 साल बाद बांग्लादेश से सीरीज हारने पर रो रहा

डीआरएस  पर मचाया बवाल, आईसीसी से की शिकायत

खेलपथ संवाद

ढाका। बांग्लादेश ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को तीन मैचों की वनडे सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में 11 रन से हराकर 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। ढाका के शेरे बंगला नेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बांग्लादेश की जीत जितनी चर्चा में रही, उतना ही मैच के आखिरी ओवर में हुआ डीआरएस विवाद (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) भी सुर्खियों में आ गया।

मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच रेफरी नियामूर राशिद से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पाकिस्तान का आरोप है कि बांग्लादेश का आखिरी गेंद से पहले लिया गया रिव्यू नियमों के अनुसार नहीं था। तीसरे वनडे में पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 50 ओवर में 290 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 50 ओवर में 279 रन ही बना सकी और मैच 11 रन से हार गई। इस जीत के साथ बांग्लादेश ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। खास बात यह रही कि पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में यह जीत बांग्लादेश को 11 साल बाद मिली है, जो उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

पाकिस्तान ने हाल ही में हुए टी20 विश्व कप से पहले बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर करने के विरोध में आईसीसी के खिलाफ जमकर ड्रामा किया था। हालांकि, बाद में पीसीबी मान गया था। हालांकि, इन गीदड़भभकियों से खुद उनकी टीम पर असर पड़ा और टीम सुपर-8 में बाहर हो गई। अब बांग्लादेश के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए पाकिस्तान की टीम बांग्लादेश पहुंची और लेकिन अब बांग्लादेश से लहूलुहान होकर पाकिस्तान टीम अपने घर लौटेगी।

बांग्लादेश ने पहला वनडे आठ विकेट से जीता था। पाकिस्तान को 114 रन पर समेटने के बाद बांग्लादेश ने 16 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने वापसी करते हुए दूसरा वनडे 128 रन से अपने नाम किया था। हालांकि, इसमें मेहंदी हसन ने जिस प्रकार सलमान को रन आउट किया, उस पर पाकिस्तान ने खेलभावना का मुद्दा उठा दिया था। लेकिन ये वही बांग्लादेश की टीम थी, जिनका उन्होंने जोर शोर से समर्थन किया था, लेकिन ये भूल गए थे कि खेल के मैदान पर कोई दोस्ती नहीं होती। इस तरह पूरी सीरीज में किसी न किसी मुद्दे पर पाकिस्तान रोता रहा।

विवाद मैच के अंतिम ओवर की दूसरी आखिरी गेंद पर हुआ। उस समय पाकिस्तान को जीत के लिए दो गेंदों में 12 रन चाहिए थे और स्ट्राइक पर शाहीन अफरीदी मौजूद थे। बांग्लादेश के गेंदबाज रिशाद हुसैन ने लेग स्टम्प की तरफ एक गेंद फेंकी, जो बल्लेबाज से दूर जाती दिखी। ऑन-फील्ड अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इसे वाइड करार दे दिया। इसके बाद बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने आपस में चर्चा की और अचानक एल्बीडब्ल्यू के लिए डीआरएस लेने का फैसला किया, जबकि पहली नजर में गेंद बल्लेबाज के शरीर से दूर जाती दिखाई दे रही थी।

पाकिस्तान का आरोप: रिप्ले देखने के बाद लिया गया रिव्यू

पाकिस्तान टीम प्रबंधन का कहना है कि बांग्लादेश ने रिव्यू लेने से पहले स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर गेंद का रिप्ले देख लिया था। क्रिकेट के नियमों के अनुसार खिलाड़ियों को रिव्यू का फैसला तब तक लेना होता है, जब तक किसी भी तरह का रिप्ले दिखाई न दे यानी 15 सेकंड के अंदर, ताकि फैसले पर बाहरी जानकारी का असर न पड़े। इसके अलावा पाकिस्तान का यह भी कहना है कि रिव्यू लेने के लिए तय 15 सेकंड की समय सीमा भी पार हो चुकी थी। हालांकि टीवी प्रसारण में टाइमर नहीं दिखाया गया, इसलिए इसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी।

जब डीआरएस में मामला गया तो हॉक-आई तकनीक में यह दिखाई दिया कि गेंद शाहीद अफरीदी के बल्ले के निचले हिस्से को हल्का सा छूकर निकली थी। इस वजह से वाइड का फैसला पलट दिया गया। हालांकि बांग्लादेश रिव्यू हार गया, लेकिन वाइड हटने के बाद समीकरण बदल गया और पाकिस्तान को अब आखिरी गेंद पर 12 रन चाहिए थे।

अंतिम गेंद पर शाहीद अफरीदी बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में स्टम्प आउट हो गए। आउट होने के बाद उन्होंने गुस्से में बल्ला स्टम्प्स पर मार दिया। इस तरह बांग्लादेश ने 11 रन से मैच जीत लिया और सीरीज भी अपने नाम कर ली। मैच के बाद पाकिस्तान टीम प्रबंधन ने मैच रेफरी के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस मामले में क्या कार्रवाई चाहता है। माना जा रहा है कि पीसीबी कम से कम इस मामले में सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करवाना चाहता है कि प्रक्रिया में गलती हुई।

दिलचस्प बात यह है कि इस सीरीज में विवाद का यह पहला मामला नहीं था। दूसरे वनडे में सलमान आगा रन आउट होने के बाद काफी नाराज नजर आए थे। उस घटना के बाद उन्हें 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना और एक डिमेरिट अंक भी दिया गया था, जबकि मेहंदी हसन मिराज पर भी 20 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया गया था।

इन सभी विवादों के बीच बांग्लादेश के लिए यह जीत ऐतिहासिक रही। पाकिस्तान के खिलाफ 11 साल बाद वनडे सीरीज जीतना टीम के आत्मविश्वास के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए तंजीद हसन तमीम को प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। बांग्लादेश की टीम ने दबाव भरे मुकाबले में शानदार संयम दिखाया और आखिरी ओवर के ड्रामे के बावजूद जीत अपने नाम कर ली।

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