आर्यमान बिड़ला होंगे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अध्यक्ष

मध्य प्रदेश के पूर्व क्रिकेटर की सम्पत्ति विराट कोहली से 70 गुना अधिक

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम ने मंगलवार को आईपीएल की फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 1.78 बिलियन डॉलर (16,000 करोड़ रुपये से अधिक) में खरीद लिया। इस कंसोर्टियम में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, डेविड ब्लिट्जर की बोल्ट वेंचर्स और अमेरिका स्थित ब्लैकस्टोन भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व क्रिकेटर आर्यमान बिड़ला आरसीबी के अध्यक्ष होंगे।

कंसोर्टियम दो या इससे ज्यादा लोगों, कंपनियों या संगठनों का एक अस्थाई गठबंधन या साझेदारी होता है। इसका लक्ष्य किसी चीज को एक साथ हासिल करने या संसाधनों को एक साथ लाने का होता है। इसमें शामिल सभी सदस्य अपनी अलग कानूनी पहचान बनाए रखते हैं, लेकिन किसी खास प्रोजेक्ट के लिए साथ मिलकर काम करते हैं। आईपीएल में इस कंसोर्टियम की यह डील यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड  के साथ हुई, जो यूके की डियाजियो की सहायक कंपनी है।

डियाजियो के पास ही आरसीबी का मौजूदा मालिकाना हक है। हालांकि, अब नए करार के तहत आरसीबी की पुरुष और महिला दोनों टीमों की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी गई है। आरसीबी को खरीदने के बाद आर्यमान बिड़ला फ्रेंचाइजी के नए चेयरमैन बन सकते हैं। खास बात तो यह है कि आर्यमान आरसीबी के कई क्रिकेटरों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके हैं। इनमें आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार और वेंकटेश अय्यर शामिल हैं।

आर्यमान बिड़ला, कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे हैं और 28 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम के लिए खेला। बाएं हाथ के बल्लेबाज आर्यमान ने मध्य प्रदेश के लिए नौ फर्स्ट क्लास मैच खेले और मध्य प्रदेश के लिए ही रजत और वेंकटेश भी खेलते हैं। इस तरह तीनों ने ड्रेसिंग रूम साझा किया है। नौ फर्स्ट क्लास मैचों में आर्यमान ने 414 रन बनाए। इसमें एक शतक बंगाल क्रिकेट टीम के खिलाफ ईडन गार्डन्स में शामिल है। इसके अलावा उन्होंने चार लिस्ट-ए मैचों में 36 रन बनाए। आर्यमान ने 2019 में मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देकर क्रिकेट से अनिश्चितकालीन ब्रेक लिया था। क्रिकेट में महज कुछ साल गुजारने के बाद यह क्रिकेटर गुमनाम हो गया और अब वह फिर से एक बिजनेस टायकून के रूप में उभरा है।

जुलाई 1997 में मुंबई में जन्मे आर्यमान ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत 2017 में की थी। उनका पहला मैच रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के लिए खेलते हुए ओडिशा के खिलाफ था। वह क्रिकेट में करियर बनाने के लिए मध्य प्रदेश के रीवा चले गए थे। वहीं, आदित्य बिड़ला समूह की सीमेंट इकाई का मुख्यालय स्थित है। आर्यमान ने अपनी पहली ही पारी में 72 रनों की ओपनिंग साझेदारी की, जिसमें रजत पाटीदार ने 123 रन बनाए। हालांकि, उन्होंने खुद उस मैच की दोनों पारियों में 67 गेंदों पर 16 रन और 27 गेंदों पर छह रन बनाए। एक साल बाद उन्होंने प्रतिष्ठित ईडन गार्डन्स में एक शानदार नाबाद शतक बनाया था।

आर्यमान का आईपीएल करियर

आर्यमान ने तब 189 गेंदों पर नाबाद 103 रन बनाकर बंगाल को ड्रॉ के लिए मजबूर किया था। उनके प्रयासों ने उन्हें 2018 में राजस्थान रॉयल्स के साथ एक आईपीएल अनुबंध भी दिलाया। उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने 30 लाख रुपये में खरीदा था। अपनी प्रतिभा के जरिये आर्यमान ने सम्मान हासिल किया था। हालांकि, चोटों और मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों के कारण उन्हें 2019 में क्रिकेट से अनिश्चितकालीन ब्रेक लेना पड़ा, जिससे उनका क्रिकेट करियर प्रभावी रूप से समाप्त हो गया। वह कभी कोई आईपीएल मैच नहीं खेल पाए। 2019 में ही राजस्थान ने उन्हें रिलीज कर दिया था। यही अनिश्चितकालीन ब्रेक उनका संन्यास बन गया।

आर्यमान ने क्रिकेटर बनने को लेकर क्या कहा था?

आर्यमान ने अपने क्रिकेटिंग करियर के दौरान कहा था कि वह एक क्रिकेटर के रूप में अधिक सहज महसूस करने लगे हैं क्योंकि लोग उन्हें उनके स्किल के लिए पहचानने लगे हैं। उन्होंने ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा था, 'प्रदर्शन, भरोसा और सम्मान अर्जित करने का सबसे अच्छा तरीका है। इसलिए जब मैंने रन बनाना शुरू किया तो लोगों ने मुझे अलग नजरिये से देखना शुरू किया। जब मैं पहली बार मध्य प्रदेश आया था तो मुझे मेरे उपनाम से ज्यादा जाना जाता था। मैं सुनता रहा 'बिड़ला का बेटा, बिड़ला का पोता', लेकिन अपने प्रदर्शन के जरिये मैंने धारणाएं बदलीं। लोगों ने मुझे अलग तरह से देखना शुरू कर दिया। यह मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। किसी ने मुझसे कहा कि आप बहुत सीधे साधे हैं। हमें यह भी नहीं पता था कि आप बिड़ला परिवार से हैं। यह मेरे लिए बदलाव का संकेत था।'

अनिश्चितकालीन ब्रेक लेने के दौरान आर्यमान ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'मैं खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहा हूं। मैंने अब तक खुद को सभी संकटों से बाहर निकाला है, लेकिन अब मुझे अपने मानसिक स्वास्थ्य और खुशी को बाकी सब चीजों से ऊपर रखने की जरूरत महसूस होती है। हम सभी की अपनी-अपनी यात्राएं हैं और मैं इस समय का उपयोग खुद को बेहतर ढंग से समझने, अपने दिमाग को नए सिरे से खोलने और अपने उद्देश्य तलाशने के लिए करना चाहता हूं।' इसके बाद उन्होंने क्रिकेट में वापसी नहीं की।

आर्यमान कॉर्पोरेट जगत में खूब चमके

खेल से दूर जाने के बाद से आर्यमान कॉर्पोरेट जगत में खूब फले-फूले हैं। 2023 में उन्हें आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड में निदेशक के रूप में शामिल किया गया और वह ग्रासिम इंडस्ट्रीज और आदित्य बिड़ला मैनेजमेंट कॉर्पोरेशन के बोर्ड में प्रमुख पदों पर रहे। क्रिकेट से व्यवसाय तक की उनकी यात्रा पारिवारिक विरासत के साथ व्यक्तिगत आकांक्षाओं को संतुलित करते हुए एक सहज परिवर्तन का उदाहरण है। फिलहाल आर्यमान बिड़ला, आदित्य बिड़ला मैनेजमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

आरसीबी को खरीदने के बाद उन्होंने कहा, 'आरसीबी के अगले विकास चरण को आकार देने के लिए इस साझेदारी का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है। यह साझेदारी खेल, मीडिया और उपभोक्ता व्यवसायों की गहरी समझ को एक साथ लाती है।' सचिन, धोनी और कोहली जैसे खिलाड़ियों ने अपनी संपत्ति ऑन-फील्ड प्रतिभा और ऑफ-फील्ड प्रोडक्ट एंडोर्समेंट से बनाई है, जबकि आर्यमान की संपत्ति मुख्य रूप से पारिवारिक व्यवसाय, आदित्य बिड़ला समूह में उनकी भूमिका से आती है। उनकी अनुमानित नेटवर्थ 70 हजार करोड़ रुपये है।

बात करें तेंदुलकर की कुल संपत्ति की तो वह 1250 करोड़ से 1500 करोड़ रुपये आंकी जाती है, धोनी की कुल संपत्ति करीब 1000 करोड़ रुपये आंकी जाती है और कोहली की कुल संपत्ति 1000 करोड़ रुपये के आसपास है। यानी आर्यमान की संपत्ति कोहली और धोनी से करीब 70 गुना ज्यादा है। आर्यमान की संपत्ति में खेल उपलब्धि की संपत्ति कम और विरासत में मिली संपत्ति ज्यादा है। हालाकि, उनके क्रिकेट से जल्दी संन्यास लेने के बावजूद, आर्यमान ने एक अनूठी विरासत बनाई। उन्होंने दृढ़ संकल्प का परिचय दिया और अब बिजनेस की दुनिया में बड़ा नाम कमा रहे हैं।

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