मेडिकल विद्यार्थियों ने रंगोली और पोस्टरों में भरे कल्पनाशीलता के रंग
केडी विश्वविद्यालय का संदेशः नारी शक्ति वंदन है, नए भारत का अभिनंदन है
मथुरा। केडी विश्वविद्यालय में शनिवार की शाम नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के प्रचार अभियान का पारितोषिक वितरण के साथ समापन हुआ। ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान के तीसरे औऱ अंतिम दिन मेडिकल छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी रंगोलियों और पोस्टरों में सशक्त नारी, समृद्धि भारत की जिस कल्पनाशीलता का प्रस्तुतीकरण किया, उसकी निर्णायकों ने मुक्तकंठ से तारीफ की।
समाज में महिलाओं के सम्मान, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए केडी विश्वविद्यालय की स्पोर्ट्स एण्ड कल्चरल समिति द्वारा तीन दिवसीय नारी शक्ति वंदन अधिनियम अभियान चलाया गया, जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने महिला प्रोत्साहन की तरफ समाज का ध्यान आकर्षित किया। नारी शक्ति वंदन अभियान के तीसरे दिन रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायकों कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल, केडी मेडिकल कॉलेज के डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप-प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर, डॉ. संगीता सिंह ने सभी छात्र-छात्राओं की कल्पनाशीलता की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।
कुलपति डॉ. मनेश लाहौरी ने अपने उद्बोधन में आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी सफलता के पदचिह्न छोड़ रही हैं। नारी अपने विभिन्न रूपों में सदैव मानव जाति के लिए त्याग, बलिदान, स्नेह, श्रद्धा, धैर्य, सहिष्णुता का प्रतीक रही है। डॉ. लाहौरी ने कहा कि नारी तो मानव समाज के स्नेह और सौजन्य की साकार देवी है लिहाजा वह सर्वोपरि है। कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं का अप्रतिम योगदान है। वह समाज और मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत है। उसका सम्मान बढ़े, प्रोत्साहन मिले तभी सशक्त राष्ट्र के निर्माण को पूरा किया जा सकता है।
प्राचार्य आर.के. अशोका ने छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया और कहा कि नारी को समाज में बराबर का सम्मान और प्रतिष्ठा मिलनी चाहिए। डॉ. अशोका ने कहा कि एक नारी विविध रूपों में जीती है। उसकी वाणी में अमृत स्रोत है तो नेत्रों में करुणा, सरलता और आनन्द के दर्शन होते हैं। उसके हास्य में संसार की समस्त निराशा मिटाने की अपूर्व क्षमता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का विकास नारी शक्ति बिना अधूरा है, लिहाजा आधी आबादी को जीवन के सभी क्षेत्रों में पूरी आजादी मिलनी चाहिए। डॉ. अशोका ने मेडिकल छात्राओं से निडर होकर समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उप-प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर ने रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिता में शिरकत करने वाले सभी छात्र-छात्राओं की प्रशंसा की और कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की उपयोगिता सनातन काल से महसूस की गई है, महिलाओं को आरक्षण नहीं समाज का प्रोत्साहन चाहिए। डॉ. संगीता सिंह ने मेडिकल छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपने को कभी कमजोर न समझें, कमजोर तो वे पुरुष हैं जोकि महिलाओं के विकास को बाधित करने की कोशिश करते हैं।
पोस्टर प्रतियोगिता में पलक को पहला, 2024 बैच की शौरवनी, अनन्या तथा गरिमा की टीम को दूसरा तथा सायली को तीसरा पुरस्कार मिला। इसी तरह रंगोली प्रतियोगिता में अदिति, आरती, एंजेला की जी-टीम को प्रथम पुरस्कार मिला। श्रद्धा, अनन्या, गरिमा तथा वानी की ए-टीम और सुनरीत, आदर्श और सवानी की डी-टीम को संयुक्त रूप से दूसरा तथा आस्था, आरती, अदिति, अवनी की टीम को तीसरा पुरस्कार मिला।
प्रतियोगिता के संचालन में स्पोर्ट्स एण्ड कल्चरल समिति की प्रमुख डॉ. अमनजोत कौर चौहान, डॉ. राहुल गोयल, डॉ. सोनम बिलावारिया, डॉ. सुधाकर रे, डॉ. सोनू शर्मा, प्रीति सिंह सेंगर, शिवम आदि का अमूल्य योगदान रहा। पारितोषिक वितरण कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमनजोत कौर चौहान ने किया तथा आभार डॉ. राहुल गोयल ने माना।
