चैम्पियन आरसीबी का चैम्पियन अंदाज, फाइनल का टिकट कटाया

गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार किया आईपीएल के फाइनल में प्रवेश

खेलपथ संवाद

धर्मशाला। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इंडियन प्रीमियर लीग टी20 के पहले क्वालीफायर मैच में मंगलवार को गुजरात टाइटंस को 92 रन से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में अपनी जगह पक्की की। गत चैंपियन आरसीबी ने पांच विकेट पर 254 रन बनाने के बाद टाइटंस की पारी को 162 रन पर समेट दिया। टाइटंस के लिए राहुल तेवतिया ने 68 और जोस बटलर ने 29 रन बनाए।

आरसीबी के लिए जैकब डफी ने तीन विकेट लिए। इससे पहले कप्तान रजत पाटीदार की 93 रन की विस्फोटक पारी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ पांच विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। पाटीदार ने मात्र 33 गेंदों की पारी में नौ छक्के और पांच चौके जड़े। उन्होंने कुछ जीवनदान मिलने के बाद अंत के ओवरों में गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। अनुभवी विराट कोहली और कृणाल पंड्या ने 43-43 रनों की पारियां खेलीं।

आरसीबी की पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में हुई, जहां वेंकटेश अय्यर ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ शानदार स्ट्रोकप्ले दिखाते हुए शुरुआती ओवरों में तीन चौके लगाए। कागिसो रबाडा ने हालांकि उन्हें 19 रन पर पवेलियन भेज दिया। रबाडा ने अपने तेज और उछाल भरे स्पेल से कोहली को भी कड़ी चुनौती दी, लेकिन कोहली ने धैर्य और तकनीक के साथ खुद को संभालते हुए 43 रनों की तेज पारी खेली।

दूसरे छोर पर देवदत्त पडिक्कल ने भी 30 रन बनाकर अच्छा योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर पावरप्ले में टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और आरसीबी को छह ओवरों के बाद एक विकेट पर 76 रन तक पहुंचा दिया। गुजरात टाइटंस ने मध्य ओवरों में सधी हुई गेंदबाजी के दम पर मुकाबले में वापसी करने की कोशिश की।

राशिद खान ने कसी गेंदबाजी करते हुए रन गति पर लगाम लगाई और दबाव बनाए रखा। इसके बाद जेसन होल्डर ने दो गेंदों के भीतर बड़ा असर डालते हुए \कोहली और देवदत्त पडिक्कल को पवेलियन भेज दिया, जिससे आरसीबी की रफ्तार अचानक थम गई। कुलवंत खेजरोलिया ने भी शुरुआत में कसी हुई गेंदबाजी की, और इस बीच ऐसा लगने लगा कि गुजरात टाइटंस ने मैच पर नियंत्रण फिर से हासिल कर लिया है। मैच का रुख हालांकि 14वें ओवर में पूरी तरह बदल गया, जब रजत पाटीदार को प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदों पर दो बार जीवनदान मिला।

उस समय पाटीदार 18 और 20 रन के आसपास खेल रहे थे। इसके बाद कुलवंत खेजरोलिया का एक ओवर काफी महंगा साबित हुआ, जिसमें खराब क्षेत्ररक्षण और दो नो-बॉल व एक वाइड सहित कुल 28 रन बने। पाटीदार ने फिर मौके का पूरा फायदा उठाते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की और राशिद खान तथा अन्य गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किया। इस दौरान पंड्या ने भी तेज पारी खेली।

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