वैभव सूर्यवंशी पर फिदा हुए डेल स्टेन, बताया भारतीय क्रिकेट का भविष्य

कहा- सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली से भी बड़ा बन सकता है ये लड़का

खेलपथ संवाद

बेंगलूरु। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपने करियर के अंत तक सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली से भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाकर ओरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में भी शामिल किया गया है।

स्टेन ने एसए20 की ओर से पांचवें सत्र से पहले आयोजित बातचीत में कहा, '' सूर्यवंशी अलग ही स्तर के खिलाड़ी हैं। वह अभी कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से बेहतर हैं। वह एक 'बॉय वंडर' हैं और भारतीय क्रिकेट के लिए किसी खजाने की तरह है। सचिन और कोहली जैसे दिग्गजों की बात करें तो यह बच्चा आगे चलकर उनसे भी बड़ा बन सकता है। लेकिन जरूरी है कि उसे सही तरीके से संभाला जाए, क्योंकि बड़ी जिम्मेदारी के साथ बड़ी सावधानी भी जरूरी होती है। अगर उसे ठीक से मैनेज नहीं किया गया तो हम उसे खो भी सकते हैं।" स्टेन ने कहा कि सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत बेहतरीन गेंदबाजी को भी सहजता से हिट करने की क्षमता है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 699 विकेट लेने वाले स्टेन का मानना है कि सही रणनीति से उन्हें रोका भी जा सकता है। उन्होंने कहा, "वह बेहतरीन बॉल स्ट्राइकर हैं। भारत में अच्छे विकेट और छोटे मैदानों का उसने बहुत अच्छे से फायदा उठाया है। वह एक बहुत ही प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं। अगर बल्लेबाज के अंदर थोड़ा डर पैदा किया जाए तो उसे नियंत्रित किया जा सकता है। (कगिसो) रबाडा ने उसके खिलाफ अच्छी गेंदबाजी की। उसे बाउंसर गेंदों से परखना होगा और वह अभी बहुत युवा है, केवल 14-15 साल का है। अगर आप खेल में थोड़ा 'डर का तत्व'' डाल सकें तो क्रिकेट वास्तव में एक ऐसा खेल है जिसमें यह अहम भूमिका निभाता है।"

उन्होंने कहा, "…अगर आप खेल में डर के साथ उतरते हैं, यानी किसी खिलाड़ी से खौफ महसूस करते हैं तो गेंदबाजी करने या बल्लेबाजी करने का डर भी आपको गलत फैसले लेने पर मजबूर कर सकता है। इसलिए उनके खिलाफ शॉर्ट बॉल एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कोहली का मानसिक स्तर और लगातार प्रदर्शन करने की भूख उन्हें खास बनाती है। उनमें वही आत्म-प्रेरणा है जो मेरे समय के खिलाड़ियों में भी थी।" इस 42 साल के पूर्व खिलाड़ी ने इसके साथ ही 37 साल के दिग्गज विराट कोहली की भी तारीफ की।

बदलते टी20 क्रिकेट पर स्टेन ने कहा कि गेंदबाजों को विविधता के साथ-साथ सही समय पर सही गेंद का इस्तेमाल करना सीखना होगा। उन्होंने अफगानिस्तान के गेंदबाज फजलहक फारूकी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पास काफी स्किल हैं, लेकिन असली चुनौती यह है कि उन्हें कब और कैसे इस्तेमाल करना है।

 

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