भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास
आर्चरी वर्ल्ड कप में एक ही दिन में जीते दो गोल्ड मेडल
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। धीरज ने पहले कुमकुम मोहोड़ के साथ रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता और इसके कुछ घंटों बाद पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भी स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। विश्व रैंकिंग में 18वें स्थान पर काबिज भारतीय सेना के तीरंदाज धीरज ने फाइनल में दक्षिण कोरिया के स्टार तीरंदाज और पेरिस ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता ली वू सियोक को 7-3 से हराकर अपने करियर का पहला व्यक्तिगत आर्चरी वर्ल्ड कप स्वर्ण पदक जीता।
धीरज ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की और पहले दो सेट 30-29 तथा 29-28 से जीतकर 5-1 की बढ़त बना ली। तीसरा सेट 27-27 से बराबरी पर समाप्त हुआ। चौथे सेट में ली वू सियोक ने वापसी की कोशिश की और 29-27 से जीत दर्ज कर स्कोर 5-3 कर दिया। हालांकि, धीरज ने दबाव में भी अपना संयम नहीं खोया। निर्णायक सेट में उन्होंने लगातार तीन परफेक्ट 10 लगाए, जिसमें एक ‘एक्स’ भी शामिल था, और मुकाबला 7-3 से अपने नाम कर लिया।
फाइनल में पहुंचने से पहले धीरज ने सेमीफाइनल में जर्मनी के मोरित्ज वीजर को 6-4 से हराया। मुकाबले की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही और पहला सेट 26-27 से गंवा बैठे। अगले दो सेट 28-28 से बराबर रहे, जिससे धीरज 2-4 से पीछे हो गए। एलिमिनेशन के कगार पर खड़े धीरज ने शानदार वापसी करते हुए चौथा सेट 30-27 से जीता। निर्णायक सेट में जर्मन तीरंदाज की एक गलती का फायदा उठाते हुए धीरज ने 9, 10 और 9 के स्कोर के साथ सेट 28-23 से जीत लिया और अपने पहले वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल में पहुंचने से पहले धीरज ने सेमीफाइनल में जर्मनी के मोरित्ज वीजर को 6-4 से हराया। मुकाबले की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही और पहला सेट 26-27 से गंवा बैठे। अगले दो सेट 28-28 से बराबर रहे, जिससे धीरज 2-4 से पीछे हो गए। एलिमिनेशन के कगार पर खड़े धीरज ने शानदार वापसी करते हुए चौथा सेट 30-27 से जीता। निर्णायक सेट में जर्मन तीरंदाज की एक गलती का फायदा उठाते हुए धीरज ने 9, 10 और 9 के स्कोर के साथ सेट 28-23 से जीत लिया और अपने पहले वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई।
