ताऊ हवा सिंह राणा की 'हर घर मुगदर' मुहिम को लगे पंख
बच्चों को फिट बनाने मुफ्त बांटे चार हजार से अधिक मुगदर
खेलपथ संवाद
चंडीगढ़। हमारे देश में एक से बढ़कर एक नेक इंसान मौजूद हैं। उनमें से ताऊ हवा सिंह का नाम बच्चों में खासा लोकप्रिय है। पहलवान हवा सिंह स्वस्थ राष्ट्र के सही पहरुआ हैं। निस्वार्थ भाव से समाज सेवा और बच्चों के भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों के कारण हवा सिंह राणा ग्रामीण क्षेत्र में विशेष सम्मान रखते हैं। लोग उन्हें प्यार से "ताऊ हवा सिंह" कहकर पुकारते हैं।
बच्चों को फिट रखने के लिए ताऊ हवा सिंह अब तक चार हजार से अधिक मुगदर बांट चुके हैं। हवा सिंह राणा का बच्चों को स्वास्थ्य और पारम्परिक व्यायाम से जोड़ने का अभियान बिल्कुल अनूठा है। "हर घर मुगदर, घर-घर मुगदर" के नारे के साथ बच्चों को स्वस्थ और फिट बनाने की अनूठी मुहिम चला रहे खेड़ा कलां के पहलवान हवा सिंह राणा हमेशा चर्चा में रहते हैं। बच्चों को स्वास्थ्य और पारम्परिक व्यायाम से जोड़ने के उद्देश्य से उन्होंने बाहरी दिल्ली के खेड़ा कलां गांव में रस्सा चढ़ने की प्रतियोगिता का आयोजन कराया, जिसकी हर किसी ने तारीफ की।
प्रतियोगिता में 9 से 12 वर्ष तक के बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इसमें दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों से आए बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई। विजेता प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और डिजिटल दुनिया से बाहर निकालकर खेल और शारीरिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करना था।
हवा सिंह राणा का मानना है कि स्वस्थ शरीर ही उज्ज्वल भविष्य की नींव है। यही कारण है कि वह कई वर्षों से बच्चों को फिटनेस और पारम्परिक भारतीय व्यायाम पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। खेड़ा कलां निवासी हवा सिंह राणा स्कूल के दिनों में पहलवानी किया करते थे। हालांकि वह इसे पेशे के रूप में आगे नहीं बढ़ा सके, लेकिन अब अपने सपनों को बच्चों के माध्यम से साकार करने में जुटे हैं। इसी सोच के तहत वे अब तक 4000 से अधिक मुगदर मुफ्त में बांट चुके हैं। इसका सारा खर्च वह खुद वहन कर रहे हैं।
मुगदर पारम्परिक भारतीय व्यायाम का एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जिसके जरिए शरीर की ताकत और संतुलन को विकसित किया जाता है। हवा सिंह चाहते हैं कि बच्चे घर पर भी नियमित व्यायाम कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। खास बात यह है कि इस पूरे अभियान को वह अपने निजी संसाधनों और मित्रों के सहयोग से चला रहे हैं। इसके लिए उन्होंने किसी संस्था या सरकारी सहायता का सहारा नहीं लिया है।
फिलहाल हवा सिंह राणा किसी संस्था से जुड़े नहीं हैं, लेकिन भविष्य में खेल और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य अधिक से अधिक बच्चों को खेलों और फिटनेस से जोड़ना है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में भी सक्रिय
बच्चों की फिटनेस के साथ-साथ हवा सिंह राणा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी काम कर रहे हैं। वह "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत खेड़ा कलां और आसपास के क्षेत्रों में पौधरोपण कर रहे हैं। इस मुहिम को ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।
क्षेत्र में 'ताऊ हवा सिंह' के नाम से पहचान
निस्वार्थ भाव से समाज सेवा और बच्चों के भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों के कारण हवा सिंह राणा ग्रामीण क्षेत्र में विशेष सम्मान रखते हैं। लोग उन्हें प्यार से "ताऊ हवा सिंह" कहकर पुकारते हैं। वर्तमान में उनकी देखरेख में करीब 150 बच्चे नियमित रूप से मुगदर अभ्यास और रस्सा चढ़ने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी यह पहल नई पीढ़ी को स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
