राजीव एकेडमी के बीसीए छात्र का टीसीएस में चयन

प्रतिष्ठित आईटी कम्पनी में नियुक्ति से बाहुबली धर्मेंद्र नाल्टे खुश

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट, मथुरा के मेधावी बीसीए छात्र बाहुबली धर्मेंद्र नाल्टे ने अपनी कुशाग्रबुद्धि और कौशल से देश की प्रतिष्ठित आईटी कम्पनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में सेवा का अवसर हासिल किया है। ग्रेजुएट ट्रेनी पद पर चयनित छात्र को कम्पनी की ओर से ऑफर लेटर मिल चुका है।

संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने छात्र बाहुबली धर्मेंद्र नाल्टे को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उसकी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा संस्थान में दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का परिणाम है। डॉ. सक्सेना ने कहा कि राजीव एकेडमी विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करती है, जिससे उन्हें प्रतिष्ठित कम्पनियों में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं।

चयनित छात्र बाहुबली धर्मेंद्र नाल्टे ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी आईटी सेवा कम्पनियों में से एक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में सेवा का अवसर मिलना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है क्योंकि टीसीएस नवाचार और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देती है। कम्पनी वैश्विक आईटी सेवा बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति के लिए ही रचनात्मक समस्या-समाधान और नवोन्मेषी सोच के युवाओं को सेवा का अवसर देकर उनके सपनों को साकार करती है।

संस्थान के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, सचिव मनोज अग्रवाल, संयुक्त सचिव राहुल अग्रवाल तथा समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ ने छात्र को बधाई देते हुए उसे उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि आज दुनिया भर की कम्पनियां उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित कर रही हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी आईटी कम्पनियों में से एक टीसीएस की भर्ती प्रक्रियाएं अक्सर ऐसे मानक स्थापित करती हैं जिनका अनुसरण अन्य कम्पनियां करती हैं।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राजीव एकेडमी के संकाय सदस्यों की हर बदलाव पर नजर होती है। यहां उद्योग की मांगों के अनुरूप छात्र-छात्राओं को बेहतर ढंग से तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बदलाव किया जाता है तथा वैश्विक आईटी सेवा बाजार की जटिलताओं से निपटने के तरीके बताए जाते हैं। यही वजह है कि यहां के छात्र-छात्राएं किसी भी परीक्षा या साक्षात्कार में घबराते नहीं बल्कि सफलता का परचम फहराते हैं।

 

 

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