पहलवान दीपांशु डोप में फंसे, नाडा ने लगाया अस्थायी प्रतिबंध
एशियाई खेलों से पहले भारतीय कुश्ती टीम के अभियान को झटका
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। एशियाई खेल शुरू होने से पहले ही भारतीय कुश्ती टीम के अभियान को झटका लगा है। लखनऊ में एशियाई खेलों का ट्रायल जीतकर 130 किलो भार वर्ग की ग्रीको रोमन टीम में जगह बनाने वाले पहलवान दीपांशु डोप में फंस गए हैं। उन पर नाडा ने अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है और उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है।
खास बात यह है कि दीपांशु दूसरी बार डोप में पॉजिटिव पाए गए हैं। इससे पहले वह गुजरात में हुए राष्ट्रीय खेलों में डोप के मामले में फंसे थे। डोप में फंसने के बाद दीपांशु को राष्ट्रीय शिविर से भी बाहर कर दिया गया है। वह हंगरी में होने वाले विश्व चैम्पियनशिप में भी खेलने जा रहे थे। उनका वीजा भी लग गया था। उसी समय उनके डोप सैम्पल की रिपोर्ट आई। उन्होंने उस दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, जिसके चलते उन्हें तीन साल का प्रतिबंध लगा था।
वर्ष 2025 में प्रतिबंध खत्म करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के जरिए एशियाई खेलों के लिए चयनित होने वाले राष्ट्रीय शिविर में जगह बनाई थी। दीपांशु को एशियाई खेलों में 130 किलो भार वर्ग का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। दूसरी बार डोप में फंसने के कारण उन पर अब स्थायी प्रतिबंध लग सकता है। नाडा ने उन्हें आरोप पत्र भेज दिया है।
भारतीय कुश्ती महासंघ ने दीपांशु की जगह 130 किलो भार वर्ग में सोतक को शामिल कर लिया है। सोतक ने ट्रायल में दीपांश से 5-1 से हारकर टीम में जगह बनाई थी। गुजरात राष्ट्रीय खेलों के दौरान दीपांशु के सैम्पल में प्रतिबंधित स्टेरॉयड पाया गया था। उनका आउट ऑफ कॉम्पिटीशन सैम्पल लिया गया, जिसमें वह स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं।
