आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में महिला प्रशिक्षक का मानसिक उत्पीड़न
प्रताड़ना के आरोपों के बीच कबड्डी कोच विजय लक्ष्मी सिंह हॉस्पिटल में भर्ती
खेलपथ संवाद
आगरा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक तरफ नारी सशक्तीकरण की अलख जगा रही है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के ही शहर गोरखपुर की महिला कबड्डी प्रशिक्षक विजय लक्ष्मी सिंह आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के जवाबदेह पदाधिकारी की मानसिक यातना के चलते हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इस मामले की शिकायत राजधानी लखनऊ तक पहुंच चुकी है।
क्षेत्रीय खेल कार्यालय आगरा में महिला प्रशिक्षक के साथ हुए मानसिक प्रताड़ना मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। कबड्डी की सहायक प्रशिक्षक एवं आवासीय छात्रावास वार्डन विजय लक्ष्मी सिंह की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें शनिवार को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से चल रहे विभागीय विवाद, नोटिस और मानसिक तनाव से प्रशिक्षक की तबीयत खराब हुई है।
विजय लक्ष्मी सिंह ने हाल ही में उत्तर प्रदेश खेल निदेशक को भेजे स्पष्टीकरण पत्र में क्षेत्रीय खेल कार्यालय के अधिकारियों, मेस संचालन और छात्रावास व्यवस्थाओं को लेकर गम्भीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पत्र में कहा था कि मेस में अनियमितताएं हैं, खिलाड़ियों को समय से भोजन नहीं मिल रहा, मेन्यु के अनुसार खाना नहीं बन रहा और मेस कर्मचारियों की ओर से अनुशासनहीनता की जा रही है। जब उन्होंने इन व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया तो उन्हें लगातार नोटिस देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि उन्हें वार्डन पद से हटाने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है और मेस में हो रही गड़बड़ियों पर चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है। विजय लक्ष्मी सिंह ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश की बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्या से भी मुलाकात की थी। इसके अलावा खेल निदेशक आर.पी. सिंह को भी पत्र लिखकर शिकायत की थी।
आगरा के क्षेत्रीय खेल कार्यालय और स्टेडियम में विवादों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी महिला कोच और वार्डन से जुड़े विवाद और स्थानांतरण के मामले चर्चा में रहे हैं। यही कारण है कि इस बार का मामला सामने आने के बाद खेल विभाग की कार्यप्रणाली और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि मामला महिला कोच, छात्रावास और खिलाड़ियों के भोजन से जुड़ा है, इसलिए यह केवल विभागीय विवाद नहीं बल्कि खिलाड़ियों की सुविधाओं और सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा बन गया है।
इस मामले में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा का कहना है कि अगर विजयलक्ष्मी को कोई समस्या है तो उन्हें सीधे मुझसे मिलना चाहिए। वे मुझसे इस मामले में नहीं मिली हैं। वह मंत्री और खेल निदेशक से झूठी शिकायतें कर रही हैं। इस मामले में आगे क्या होगा यह तो खेल निदेशालय के अधिकारी जानें लेकिन जो हुआ उसे सामान्य बात नहीं मानना चाहिए।
